
MLA Pritam Ram on the spot
अंबिकापुर/कुसमी. 28 अप्रैल माओवादियों द्वारा की गई आगजनी व अपहरण की वारदात के बाद ४ मई को घटनास्थल पहुंचे सामरी विधायक डॉ. प्रीतम राम ने कुसमी पुलिस पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। विधायक ने बताया कि कुसमी पुलिस द्वारा बल व वाहन नहीं होने का हवाला देते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया।
वहीं कुसमी थाना प्रभारी का कहना है कि विधायक का मेरे पास फोन ही नहीं आया और न ही लिखित में किसी प्रकार की जानकारी दी गई थी तो इस आरोप का मतलब ही नहीं है।
गौरतलब है कि 28 अप्रैल को बूढ़ाआम्बा में माओवादियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे 5 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। साथ ही दो मुंशी राजू गुप्ता, शंकर बिहारी व पीएजीएसवाई के सब इंजीनियर पेत्रुस डूंगडूंग को अगवा कर अपने साथ ले गए थे। माओवादियों ने घटना दिवस की रात ही एक मुंशी राजू गुप्ता को छोड़ दिया था।
लेकिन आज तक एक अन्य मुंशी व सब इंजीनियर का कोई सुराग नहीं लग सका है, इससे परिजन परेशान हैं। फोर्स उनकी तलाश में सर्चिंग कर रही है।
इस बीच शुक्रवार को सामरी विधायक डॉ. प्रीतम राम घटनास्थल पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि माओवादी घटना निर्माण एजेंसी व पुलिस में समन्वय की कमी से हुई है। बिना सुरक्षा के सड़क निर्माण कार्य करना ही बड़ी चूक थी।
विधायक का आरोप
सामरी विधायक ने आरोप लगाया कि कुसमी पुलिस से सुरक्षा के लिए बात की तो पुलिस ने जवान व वाहन उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए सुरक्षा देने से इंकार कर दिया। इसके बाद बलरामपुर एसपी टीआर कोशिमा से चर्चा की। फिर एसपी ने उन्हें कहा कि आपके सामरी पहुंचने के बाद सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। एसपी से मिले आश्वासन पर विधायक कार्यकर्ताओं के साथ पहले सामरी पहुंचे, यहां से पुलिस बल की सुरक्षा मिलने के बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे।
विधायक का नहीं आया फोन
मेरे पास शुक्रवार को विधायक या अन्य किसी का सुरक्षा उपलब्ध कराने के सिलसिले में फोन ही नहीं आया था। मैं तो आश्चर्यचकित हूं कि आखिर ये बात कैसे उठ रहीं हैं। इस आरोप का मतलब ही नहीं है।
मोरध्वज देशमुख, थाना प्रभारी, कुसमी
Published on:
05 May 2018 09:05 pm
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