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बलरामपुर के मजदूर की गुजरात में मॉब लिंचिंग, चोर समझकर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला

Mob Linching: हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट अहमदाबाद में काम करने गया था मृतक, इस बार काम नहीं मिला तो देर रात लौट रहा था घर, गांव में कुछ लोगों ने पकड़ा और पीट-पीटकर मार डाला
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 22 Mar 2023, 6:45 PM IST

Mob linching

Gujrat police and Migrant Ramkeshwar Kherwar

अंबिकापुर/वाड्रफनगर. Mob Linching: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र निवासी एक मजदूर हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट में काम करने 17 मार्च को अहमदाबाद, गुजरात पहुंचा था। काम नहीं मिलने पर वह रात में ही पैदल गांव के लिए निकल गया। इसी बीच एक गांव में कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया। गुजराती में उससे पूछताछ की, लेकिन भाषा का ज्ञान नहीं होने के कारण वह जवाब नहीं दे पाया। ऐसे में उन्होंने उसे चोर समझ लिया और पीट-पीटकर मार डाला। मॉब लिंचिंग की सूचना मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और उसका शव अहमदाबाद अस्पताल में रखवाया। इधर सूचना पर मृतक के परिजन उसका शव लेने रवाना हो गए हैं।


वाड्रफनगर चौकी अंतर्गत ग्राम हरिगवां निवासी रामकेश्वर खेरवार पिता रामसुंदर खेरवार 30 वर्ष अपने ससुराल ग्राम मढऩा में घर बनाकर पत्नी व 3 बच्चों के साथ रहता था। वह मजदूरी कर परिवार को पालन-पोषण कर रहा था। पूर्व में वह दो बार अहमदाबाद में हाई स्पीड रेल के प्रोजेक्ट में काम कर चुका था।

16 मार्च को वह फिर काम के सिलसिले में घर से निकला और 17 मार्च को अहमदाबाद पहुंचा। यहां वह पूर्व सुपरवाइजर से मिला तो उसने काम नहीं होने की बात कही। इस पर रामकेश्वर ने उससे कहा कि काम नहीं है तो वह अपने गांव जा रहा है। इसी बीच देर रात खेड़ा जिले के महेमदाबाद थाने में किसी ने सूचना दी कि ग्राम सुधा वंसोल में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है।

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसकी पहचान रामकेश्वर के रूप में हुई। रामकेश्वर के शरीर, चेहरे व सिर में गहरे चोट के निशान थे। पुलिस द्वारा उसे महेमदाबाद अस्पताल ले जाया गया, यहां से रेफर किए जाने के बाद अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां सोमवार की सुबह 6.30 बजे उसकी मौत हो गई।


सुपरवाइजर ने दर्ज कराई रिपोर्ट
खेड़ा जिले के एसपी ने बताया कि रामकेश्वर के मौत की रिपोर्ट सुपरवाइजर मनीष ने थाने में दर्ज कराई। रामकेश्वर सुधा-वंसोल गांव में कैसे पहुंचा, यह पता नहीं चल सका है। क्षेत्र में घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि चोर होने के शक पर उसकी पिटाई की गई थी।

नहीं जानता था गुजराती भाषा
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि सुधा वंसोल गांव के लोगों ने उससे गुजराती भाषा में उससे पूछताछ की थी, भाषा समझ नहीं आने के कारण वह न तो समझ पाया और न ही जवाब दे पाया। ऐसे में चोर समझकर उसे पीट-पीटकर भीड़ ने मार डाला। पुलिस ने बताया कि इस घटना के 1 दिन पूर्व ही नेपाल के एक व्यक्ति को मार डाला गया था।

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शव लेने परिजन रवाना
खेड़ा पुलिस की सूचना पर मृतक रामकेश्वर के पिता, उसकी पत्नी के भाई व गांव का ही एक युवक उसका शव लेने अहमदाबाद रवाना हो गए हैं। पत्रिका ने जब उसके परिजनों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वे गुरुवार को अहमदाबाद पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस उनके साथ शव लेने नहीं गई है।


परिजन पहले ही हो गए थे रवाना
गुजरात पुलिस ने मंगलवार को रामकेश्वर की हत्या (Murder) की सूचना दी थी। मैंने एसएचओ को बताया था। एक दिन पूर्व ही उसके परिजन शव लेने निकल चुके थे। जब उनसे बातचीत की गई तो वे रायपुर पहुंच चुके थे। ऐसे में पुलिस उनके साथ नहीं जा पाई।
विनोद पासवान, चौकी प्रभारी वाड्रफनगर