
Father of the dead newborn
अंबिकापुर. Newborn death case: मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू में 5 बच्चों की मौत के मामले में एक नवजात के पिता ने मंगलवार को कलेक्टर के जनदर्शन (Collector Jandarshan) में ज्ञापन सौंप कर अपना दर्द बताया है। उसने कहा कि उसका बच्चा सिर्फ दूध नहीं पी रहा था, इस कारण उसे भर्ती कराया गया था। एसएनसीयू में ड्यूटी पर पदस्थ नर्सों द्वारा उसे बताया गया था कि बच्चा स्वस्थ हो रहा है, दूध भी पीने लगा था। फिर अचानक 5 नवंबर की सुबह फोन पर बताया गया कि आपके बच्चे की मौत हो गई है। पिता ने कलक्टर से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजपुर के धंधापुर निवासी राज मलिक ने ज्ञापन में बताया है कि उसकी पत्नी ने घर पर ही 2 दिसंबर को बच्चे को जन्म दिया था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू में अपने नवजात बच्चे को 2 दिसंबर की रात ८ बजे भर्ती कराया था। उसका वजन २ किलो था। सिर्फ दूध नहीं पी रहा था।
एसएनसीयू में पूछे जाने पर बताया जाता था कि बच्चा स्वस्थ हो रहा है। उसने दूध पीना भी शुरु कर दिया था। 4 दिसंबर की रात के लगभग 11 बजे के बाद से बार-बार बिजली गुल होने लगी। इस दौरान कुछ माताओं को एसएनसीयू के भीतर गर्म कपड़े लेकर आने नर्सों द्वारा कहा गया।
वार्मर बंद होने की वजह से बच्चों को गर्मी देने के लिए उन्हें ढंकने कहा गया। पीडि़त पिता का आरोप है कि वार्मर बंद होने की जानकारी मुझे या मेरी पत्नी को नहीं दी गई और न ही गर्म कपड़े से ढंका गया। इसके कुछ घंटे बाद सुबह 4 बजे बच्चों की मौत होनी शुरू हुई। लेकिन मुझे 9 बजे के बाद फोन कर बताया गया कि बच्चे की मौत हो गई है।
ठंड से मौत का लगाया आरोप
पीडि़त राज मलिक ने आरोप लगाया है कि बच्चे की मौत ठंड लगने से हुई है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अपनी गलती छिपाने के लिए बच्चे को गंभीर होना बता रही है। मामले में मृत नवजात के पिता द्वारा दोषी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने एवं सरकार की ओर से मुआवजा राशि प्रदान किए जाने की मांग की गई है।
Published on:
06 Dec 2022 09:16 pm
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