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बाइक की डिलरशिप लेने के चक्कर में लग गई 33 लाख रुपए की चपत, फंस गया अज्ञात शख्स के जाल में

Online Crime: रुपए गंवाने के बाद पता चला कि उक्त कंपनी की डिलरशिप (Dealership) तो पहले से ही किसी और के पास है, अब कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट

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बाइक की डिलरशिप लेने के चक्कर में लग गई 33 लाख रुपए की चपत, फंस गया अज्ञात शख्स के जाल में

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अंबिकापुर. कोतवाली थाना अंतर्गत एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। शहर के एक व्यक्ति से जावा कंपनी की बाइक की डिलरशिप दिलाने के नाम पर जालसाजों ने 33 लाख रुपए की ठगी की है।

ठगी (Swindle) के बाद पता चला कि उक्त कंपनी की बाइक की डिलरशिप तो पहले से ही शहर में किसी और के पास है। पीडि़त ने कोतवाली में मामले की शिकायत दर्ज कराई है।


शहर के बौरीपारा निवासी अजय सिंह के पास 13 सितंबर को एक शख्स का फोन आया। उसने अजय ङ्क्षसह से कहा कि मैं जावा कंपनी से बोल रहा हूं और अंबिकापुर शहर में एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जो जावा कंपनी के बाइक की डिलरशिप ले सके।

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अज्ञात शख्स की बात सुन अजय सिंह जावा कंपनी बाइक की डिलरशिप (Bike dealership) लेने की लालच में आ गया। मौके का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति ने उसे झांसे में ले लिया और डिलरशिप चाहिए तो ऑनलाइन अप्लाई करने की सलाह दी। अजय ने झांसे में आकर फर्जी भेजे गए लिंक (Online crime) पर फार्म भेज दिया।

इसके बाद कंपनी द्वारा 22 सितंबर को अजय के मोबाइल पर जानकारी दी गई कि आपका आवेदन कंपनी को पसंद आया है। कुछ औपचारिकता के बाद आपको अंबिकापुर में जावा डिलरशिप (Jawa company dealership) नियुक्ति का लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा।

इसके बाद कंपनी द्वारा विभिन्न चरणों में एनओसी, लाइसेंस, सिक्योरिटी डिपॉजिट एवं बैंक गारंटी के नाम पर बैंक खाते के माध्यम से राशि जमा करने के लिए कहा गया। झांसे में आकर अजय सिंह ने दिए गए खाते नंबर में कुल 33 लाख रुपए जमा कर दिए।

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डिलरशिप किसी और को पहले ही मिल चुकी है
अजय सिंह को 33 लाख रुपए गंवाने के बाद पता चला कि शहर में जावा कंपनी की बाइक की डिलरशिप पहले से ही किसी और व्यक्ति के पास है।

अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेक आइडी बनाकर जावा कंपनी की डिलरशिप दिलाने के लिए फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ठगी का शिकार होने के बाद अजय सिंह ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


अभी भी की जा रही रुपए की मांग
अजय सिंह का कहना है कि अभी भी उसके मोबाइल पर सुधीर पांडेय नामक व्यक्ति द्वारा कंपनी के नाम से फोन किया जा रहा है और डिलरशिप व गाड़ी भिजवाने के लिए रुपए की मांग अभी भी की जा रही है।