
CG Tourism: रामगढ़ की पहाड़ियां, जहां श्रीराम ने बिताया चौमासा, जानिए पूरी कहानी
Chhattisgarh Tourism: प्रणय राज सिंह राणा @अंबिकापुर. सरगुजा( Sarguja Tourism) जिले की रामगढ़ पहाड़ी पर प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है और इसके महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक शोध पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यहां प्रतिवर्ष दो दिवसीय विशाल रामगढ़ मेले का आयोजन किया जाता है।
Chhattisgarh Tourism: रामगढ़ महोत्सव (Ramgarh Mahoutsav) में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं। इस वर्ष महोत्सव का आयोजन 4 व 5 जून को होगा, इसी के साथ कालीदास की रचना मेघदूतम् रचना की याद ताजी होगी। मान्यता है कि रामगढ़ की पहाड़ियों में भगवान राम ने चौमासा बिताया था।
Chhattisgarh Tourism: सरगुजा अंचल में श्रीराम वन गमन (Ram Gamanpath) परिपथ पर जिला पुरातत्व संघ के सदस्य राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता अजय कुमार चतुर्वेदी ने गहन शोध कार्य किया है।
Chhattisgarh Tourism: उन्होंने शोध के दौरान पाया कि सरगुजा संभाग के पांच जिलों के अंतर्गत श्रीराम ने नदी जलमार्ग होते हुए वनवास काल का समय सरगुजा में व्यतीत किया है। रामगढ़ की पहाड़ी पर सर्वाधिक प्राचीन नाट्यशाला सीता बइंगरा गुफा हैै।
रामगढ़ का धार्मिक महत्व
Chhattisgarh Tourism: मान्यता है कि भगवान राम के वनवास काल का छत्तीसगढ़ में प्रथम पड़ाव मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सीतामढ़ी हरचौका को ही माना जाता है। जनश्रुति है कि यहीं से संपूर्ण सरगुजा अंचल का नदी मार्ग से भ्रमण करते हुए कोंटा बस्तर तक लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ में श्रीराम ने व्यतीत किए।
Chhattisgarh Tourism: रामगढ़ की पहाड़ियों पर जहां माता सीता रहती थीं सीता बइंगरा, जहां श्रीराम रहते थे जोगीमाड़ और जहां लक्ष्मण रहते थे लक्ष्मण बइंगरा गुफा का प्रमाण मिलता है। सीता बइंगरा के ठीक सामने लक्ष्मण रेखा भी खींची हुई है। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में राम, लक्ष्मण और सीता की प्रतिमाएं रखी हुई हैं।
Published on:
04 Jun 2023 12:22 pm
