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सीताफल के हैं अनेक फायदे, सर्दी वाली बुखार, कफ समेत इन 10 बीमारियों से दिलाता है छुटकारा

Sitaphal: अपने आस-पास मिलने वाले फल, फूल सहित अन्य औषधीय पौधे (कई बीमारियों को करते हैं ठीक, बस उपयोग का मालूम होना चाहिए सही तरीका

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10 Benefits of Sitaphal fruits

Benefits of Sitaphal fruits

अंबिकापुर. सीताफल का नाम तो आपने सुना ही होगा, इसे खाया भी होगा। यह मीठा व स्वादिष्ट फल तो है ही, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीताफल अथवा शरीफा औषधीय गुणों से भरपूर है। इसका तना, पत्तियां, जड़ व फल कई बीमारियों में राहत पहुंचाने के अलावा उससे हमेशा के लिए छुटकारा भी दिला देती है।

बच्चे को जन्म देते ही प्रसूता महिलाओं को कई प्रकार की परेशानियों से गुजरना पड़ता है, इस दौरान सीताफल के जड़ का चूर्ण चमत्कारिक फायदा पहुंचाता है।


आयुर्वेद के अनुसार सीताफल का प्रयोग एक-दो नहीं बल्कि अनेक रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है। सीताफल का इस्तेमाल कफ दोष को ठीक करने के लिए, खून की मात्रा को बढ़ाने के लिए, उल्टी, दांतों के दर्द से आराम पाने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही इसका प्रयोग अन्य रोगों में भी होता है।


सीताफल के ये हैं 10 फायदे
1. सीताफल के तने का काढ़ा बना लें और इसे 15-30 मिली मात्रा में पिएं, इससे दस्त पर रोक लगती है।
2. मां बनने के तुरंत बाद महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में प्रसूताओं को यह फायदा पहुंचाता है। महिलाएं 1-2 ग्राम शरीफा की जड़ के चूर्ण का सेवन करे। इससे प्रसूता संबंधित विकार में लाभ होता है।

IMAGE CREDIT: Sitaphal fruits benefits

3. त्वचा को स्वस्थ रखने में रोम छिद्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रोम छिद्र विकार को ठीक करने के लिए सीताफल के पत्ते का पेस्ट बना लें और लेप लगाएं। इससे त्वचा के घाव, त्वचा पर होने वाली सूजन और रोम छिद्र की बीमारी में लाभ होता है।

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4. यदि ठंड के साथ या सर्दी के साथ बुखार आता है तो सीताफल के पत्तों का नमक के साथ पेस्ट बनाकर खाएं। इससे बुखार उतर जाता है।

IMAGE CREDIT: 10 benefits of Sitaphal

5. सिर में होने वाले जूएं से परेशान हैं तो सीताफल (Sitaphal) के बीजों को पीसकर सिर पर लगाएं, इससे जूएं खत्म हो जाते हैं। सिर पर पेस्ट लगाते समय सावधानी बरतें, इसे किसी भी हालत में आंखों में न लगने दें, अन्यथा आंखें खराब हो सकती हैं।
6. आजकल कफ होना एक आम बात हो गई है। सीताफल (Sharifa) के तने को चबाने से सर्दी-जुकाम या कफ में आराम मिलता है।


7. गांठ की बीमारी में भी सीताफल फायदा पहुंचाता है। इसके फल को कूटकर नमक का पेस्ट बना लें तथा गांठ पर लगाएं।
8. मधुमेह की बीमारी वाले लोग भी सीताफल का फायदा ले सकते हैं। सीताफल के पत्तों का एक से तीन ग्राम चूर्ण बनाकर खाने से इस बीमारी में लाभ मिलता है।

IMAGE CREDIT: Benefits of Sitafal

9. गुदाभ्रंश होने की स्थिति में सीताफल के पत्तों का काढ़ा बनाकर गुदे पर लगाने से लाभ होता है। इस बीमारी में मल त्याग करते समय मलद्वार का गुदा बाहर निकल जाता है।
10. हिस्टीरिया बीमारी से ग्रसित लोग यदि सीताफल के पत्ते का रस नाक में डाले तो काफी लाभ होता है।


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