
IAS Namrata Gandhi
सीतापुर. शिक्षा विभाग में शिक्षाकर्मियों का संविलियन को लेकर खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय सीतापुर में प्रगति कार्य का निरीक्षण करने पहुंची जिला पंचायत सीईओ नम्रता गांधी ने काम में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुये कहा कि सोमवार को संविलियन की लिस्ट जारी होनी हंै, उससे पूर्व हर हाल में काम हो जाना चाहिये। इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत के 2 लिपिकों को निलंबित करते हुये सीईओ व बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी की है।
शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर जिला स्तर पर सोमवार को जारी होने वाली सूची से पूर्व तैयारियों का जायजा लेने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ काम में लेटलतीफी देख भड़क गईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर इस काम में हो रही देरी के लिये नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान निरीक्षण करने आये अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान के काफी खामियां मिलीं। वर्ष 2011 में हुई सीधी भर्ती वाले कई शिक्षाकर्मियों को पदोन्नति का लाभ दे दिया गया ताकि उन्हें संविलियन का लाभ मिल जाये, जबकि 1 जुलाई 2010 तक नियुक्त हुये शिक्षाकर्मियों को ही इसका लाभ मिलना है, इसके बाद वालो को नहीं, लेकिन यहां वर्ष 2011 में सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षाकर्मियों को लाभ पहुंचाने नियमों को ताक पर रख दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने अनुपस्थित पाए जाने पर जनपद पंचायत के सहायक वर्ग-2 सत्यप्रकाश त्रिपाठी व जवाहरलाल वर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही जनपद सीईओ व बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर लेटलतीफी के मामले में जवाब तलब किया है।
सीईओ के तेवर देख सकते में अधिकारी
जिला पंचायत सीईओ के तेवर देख अधिकारी सकते में आ गये और आनन-फानन में सभी कर्मचारियों को दस्तावेज संधारण के काम मे लगा दिया ताकि सोमवार को जारी होने वाली संविलियन की सूची से पहले काम पूरा हो जाये।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम अतुल शेटे, तहसीलदार विजेंद्र सिंह सारथी, सीईओ जनपद पंचायत संजय सिंह, बीईओ मिथिलेश सिंह सेंगर, प्राचार्य पीएल भगत, जेएल सिदार, पटवारी नरेंद्र यादव, हरिश्चंद्र सोनी व अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
Published on:
15 Jul 2018, 4:10 PM IST
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