
कोर्ट से ट्रंप को एक और झटका, शरणार्थियों की एंट्री पर रोक नहीं लगा सकता राष्ट्रपति प्रशासन
वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शरणार्थियों के प्रति कड़ा रवैया उन पर भारी पड़ रहा है। दरअसल उनकी ओर से US-मैक्सिको बॉर्डर को अवैध रूप से पार कर अमरीका में दाखिल होने वाले शरणार्थियों पर लगाए गए बैन के फैसले को कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने इस फैसले पर रोक लगा दी है।
19 दिसंबर तक बैन पर रोक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सैन फ्रांसिस्को की एक फेडरल कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले पर 19 दिसंबर तक रोक लगाने का आदेश जारी किया है। ये फैसला वहां के जिला न्यायाधीश जॉन एस टीगर ने सुनाया। इस रोक को ट्रंप प्रशासन के लिए एक तगड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं हाल ही में फेडरल कोर्ट ने सीएनएन के पत्रकार का पास कैंसिल करने के मामले में ट्रंप प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी।
इस तरह का रोक नहीं लगा सकता है प्रशासन
आपको बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में अमरीकी-मैक्सिको सीमा पर आ रहे शरणार्थियों के काफिले को लेकर ये आदेश जारी किया था। नौ नवंबर को किए गए इस घोषणा के मुताबिक दक्षिणी सीमा पार करने वाला कोई भी व्यक्ति शरण लेने के योग्य नहीं माना जाएगा। फिलहाल जज के आदेश के बाद 19 दिसंबर तक इस फैसले पर रोक लगी है। इसके बाद ही इस मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान जज ने अपनी टिप्पणी में कहा कांग्रेस की ओर से शरणार्थियों को आने की अनुमति दी गई है, ऐसे में प्रशासन इस तरह का रोक नहीं लगा सकता है। हालांकि कोर्ट के इस आदेश पर अभी तक अमरीका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
काफी पुराना है सीमा का ये विवाद
अमरीका-मैक्सिको बॉर्डर का ये विवाद काफी पुराना है। कुछ समय पहले जानकारी मिली थी कि दक्षिणी बॉर्डर से हजारों का काफिला मुख्य शहरों की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि ट्रंप की सख्ती के कारण उनमें से कोई भी शहर के अंदर दाखिल नहीं हो पाया था।
लौटाया गया प्रेस पास
दूसरी ओर वाइट हाउस ने सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा का प्रेस पास उन्हें लौटा दिया है। इसके बाद सीएनएन ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मुकदमा वापस ले लिया।
Published on:
20 Nov 2018 03:26 pm
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