22 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमरीका: रूस के साथ मिलकर साजिश रचने के आरोपों से ट्रंप बरी, जांच रिपोर्ट का संक्षिप्त अंश सार्वजनिक

2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप के लिए रूस के साथ ट्ंरप की मिलीभगत पर जांच रिपोर्ट पेश किया गया। अमरीका के विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट म्युलर ने 22 महीनों तक जांच करने के बाद तैयार की है रिपोर्ट। ट्रंप और रूस ने पहले ही अपने उपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

4 min read
Google source verification
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमरीका: रूस के साथ मिलकर साजिश रचने के आरोपों से ट्रंप बरी, जांच रिपोर्ट का संक्षिप्त अंश सार्वजनिक

वाशिंगटन। करीब 22 महीनों की जांच के बाद अमरीका के विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट म्युलर ने शुक्रवार को अपनी जांच रिपोर्ट अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र को सौंप दी है। हालांकि अब इस रिपोर्ट पर जनरल बर्र के फैसले का इंतजार अमरीकी कांग्रेस को है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रतिशोध लेने की भावना से यह रिपोर्ट तैयार किया गया है। म्युलर की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि म्युलर ने अपनी जांच में यह पाया है कि न तो ट्रंप ने और न ही उनके किसी सहयोगी ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस के साथ मिलकर प्रभावित करने के लिए साजिश रची है। यह दिखाता है कि 45 वें राष्ट्रपति के तौर पर अमरीका व्यापार में कितना आगे बढ़ा है। बता दें कि 2016 में कथित तौर पर अमरीकी चुनाव के दौरान रूस के हस्तक्षेप और ट्रंप के प्रचार अभियान में सहयोग करने के मामलों पर यह जांच रिपोर्ट आधारित है। जिसे म्युलर 2017 से जांच कर रहे थे।

ट्रंप ने जांच रिपोर्ट पर किया ट्वीट

बता दें कि अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र की ओर से जांच रिपोर्ट के सारांश को सार्वजनिक किए जाने के फौरन बाद ट्रंप ने एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा 'कोई मिलीभगत नहीं, कोई रुकावट नहीं, पूर्ण रूप से दोषमुक्त' कीप अमरीका ग्रेट। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि इतने लंबे समय तक जांच किया गया, इतने लोगों को तकलीफ पहुंचाया गया, इस दौरान बहुत सारी बुरी चीजें भी हुई, हमारे देश के लिए कुछ गलत बातें हुई और अंत में यह घोषणा की जाती है कि रूस के साथ कोई मिलीभगत नहीं था, मैंने इससे पहले ऐसी हास्यापद बाद कभी नहीं सुनी है। रूस के साथ कोई सहभागिता नहीं थी, न ही कोई रूकावट पैदा करने की कोशिश की और कुछ भी नहीं। ट्रंप ने आगे कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि हमारे देश को इससे गुजरना पड़ा। एक ईमानदार होने के लिए आपके राष्ट्रपति को इस माध्यम से गुजरना पड़ा, एक शर्म की बात है। हालांकि न्यायिक जांच में बाधा डालने के आरोपों से ट्रंप को पूरी तरह से बरी नहीं किया गया है, इसे अटॉर्नी जनरल के पास छोड़ते हैं, जो अंतिम फैसला लेंगे।

अमरीका: 2016 राष्ट्रपति चुनाव में रूस और ट्रंप की भूमिका पर जांच रिपोर्ट पेश

डेमोक्रेट्स ने उठाए सवाल

बता दें कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप क दोषमुक्त करार दिए जाने के मामले में विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि अटॉर्नी जनरल बर्र और उप-अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेनस्टीन को ट्रंप ने नियुक्त किया है। जिन्होंने म्युलर की जांच रिपोर्ट में यह रेखांकित किया है कि राष्ट्रपति के खिलाफ आपराधिक मामले के लिए कोई पर्याप्त सबूत नहीं है। डेमोक्रेट्स के नेताओं ने सारांश में कई विसंगतियों का आरोप लगाया है और मांग की है कि म्युलर की पूरी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। हालांकि दूसरी ओर रिपब्लिकन ने म्युलर की जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष को पूरी तरह से स्वागत किया है। बता दें कि यूएस हाउस कमेटी में ज्यूडिशियरी के चेयरमैन जेरोल्ड ने कहा कि म्युलर ने जांच में पूरी पार्दर्शिता बरती है, लिहाजा हमें जनता को सिर्फ एक संक्षित सारांश से ज्यादा कुछ भी नहीं देना चाहिए।

पाकिस्तान की कंगाली: इमरान खान ने फैलाए हाथ तो चीन ने दिए 2.1 अरब डॉलर

म्युलर ने 34 लोगों पर लगाए हैं आरोप

अभी तक जो भी खबरें सामने आई है उसके मुताबिक म्युलर ने अपनी जांच के दौैरान 34 लोगों पर आरोप लगाए हैं। इनमें से 6 लोग ट्रंप के सहयोगी हैं, जबकि दर्जनों रूस के हैं। इसके अलावा इसमें तीन कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच में म्युलर ने 500 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, साथ ही 3500 से अधिक सम्मन को शामिल किया है। इसके अलावा सबूतों के लिए 13 देशों के अनुरोधों को भी शामिल किया गया है। जांच में यह बात कही गई है कि जितने लोगों पर आरोप लगाए गए हैं उन सभी पर राष्ट्रपति चुनाव और उसमें रूस की सहभागिता से सीधे-सीधे नहीं जुड़े हुए हैं। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। लेकिन फिर भी इस बात की जांच की जा रही है कि क्या ट्रंप ने चुनाव प्रचार और रूस के हस्तक्षेप के मामले में जांच कर रही अमरीकी जांच एजेंसी के काम में न्याय संबंधि बाधा डाली थी या नहीं? फिलहाल जो रिपोर्ट जनरल बर्र को सौंपी गई है उसमें यह साफ नहीं है कि उसके किस अंश को लोगों तक या फिर अमरीकी कांग्रेस को बताई जानी है। बता दें कि बर्र को ट्रंप ने नियुक्त किया है।

दलाई लामा के समर्थन में अमरीका, कहा- सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू करे चीन

ट्रंप ने आरोपों से किया है इनकार

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को पहले ही नकार दिया है। उन्होंने इस जांच को ही गलत करार दिया है। फिर भी यदि यह जांच रिपोर्ट जब जारी किया जाएगा तब कई खुलासे होने की संभावना है। यह रिपोर्ट म्युलर की आखिरी जांच रिपोर्ट है। अब इस मामले में आगे क्या होगा इसपर ट्रंप के अटॉर्नी जरनल, कांग्रेस और फेडेरल अदालत फैसला करेंगी। हालांकि जनरल बर्र का कहना है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक होने दिया जाए और लोगों को देखने दिया जाए, इसको लेकर ट्रंप भी इसी हफ्ते कह चुके हैं कि यदि जनता यह रिपोर्ट देखना चाहती है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है। फिलहाल इस जांच रिपोर्ट की कॉपी ट्रंप सरकार को भी नहीं मिली है। गौरतलब है कि ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूस के हस्तक्षेप से हमेशा इनकार किया है। रूस ने भी इन दलीलों को पहले ही खारिज कर चुका है।

Read the Latest India news hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले India news पत्रिका डॉट कॉम पर.