
अमेठी. जिला के नरैनी गाँव के रहने वाले अनिल कुमार मौर्य (50) सीआरपीएफ 212 बटालियन छत्तीसगढ़ सुकमा में तैनात थे। शुक्रवार रात को सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुड़भेड़ में गोली लगने से वो शाहिद हो गये जिसकी सूचना मिलने से घर और गाँव में कोहराम मच गया। चारो तरफ सन्नाटा छा गया। वहीं अमेठी के इस लाल के शहीद होने पर अमेठी प्रशासन के लोगों ने शहीद के घर पहुंच शोक संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद की बात कही। वहीं सीएम योगी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि-
अनिल कुमार मौर्य की शहादत पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिवार के लोगों को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
राहुल गांधी ने हर संभव मदद का दिया भरोसा-
वहीं शहीद होने की खबर सुनते ही अमेठी संसद व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने प्रतिनिधि चंद्रकांत को भेज परिजन से मोबाईल पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
शाहिद अनिल मौर्य सीआरपी एफ में सब इंस्पेक्टर पद पर 212 बटालियन में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तैनात थे। वे 30 सितम्बर 1985 में सीआरपीएफ में भर्ती हुये थे। वो अपने तीन भाइयों मे सबसे बड़े थे। इनके पिता एक सरकारी बेसिक विद्यालय में अध्यापक के पद से सेवानिवृत हो चुके हैं।
बेटे ने कहा- 20 को मार कर बदला लूंगा
शाहिद के दो बेटे हैं और दो बेटियां भी है। बेटियों की शादी हो गई है। बड़े बेटे का नाम नीरज है, जिनकी उम्र 25 और दूसरे का नाम राहुल है, जिनकी उम्र 22 वर्ष है। अभी ये पढ़ाई कर रहे हैं। छोटे बेटे राहुल का कहना है कि पापा शाहिद हुये हैं, हमें उनपर गर्व है। पापा 7 लोगों को मार कर शहीद हुये हैं। अगर मौका मिला तो 20 को मार कर बदला लूंगा।
कल गांव पहुंचेगा शव-
शाहिद का शव कल रविवार सुबह तक उनके पैतृक गाँव आने की संम्भावना है। शाहिद का कल राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।