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खनन घोटाले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की बढ़ी मुश्किलें, अमेठी स्थित आवास पर ईडी ने मारा छापा

अखिलेश सरकार (Akhilesh Yadav) में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) व उनके चालक रामराज के अमेठी आवास पर बुधवार सुबह ईडी ने छापेमारी की।
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GAYATRI PRAJAPATI

GAYATRI PRAJAPATI

अमेठी. अखिलेश सरकार (Akhilesh Yadav) में मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) व उनके चालक रामराज के अमेठी आवास पर बुधवार सुबह ईडी ने छापेमारी की। उनपर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। इसी सिलसिले में ईडी ने उनके आवास पर छापेमारी की। इलाहाबाद से पहुंची ईडी की टीम ने दोनों स्थानों पर स्थानीय पुलिस टीम के साथ एक साथ छापा मारा। एक टीम में करीब आधा दर्जन ईडी के अधिकारी व कर्मचारी व स्थानीय पुलिस बल तैनात हैं।

बुधवार सुबह करीब सात बजे ईडी की टीम ने आवास विकास स्थित गायत्री प्रजापति के निजी आवास एवं चालक रामराज के घर में छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री का बड़ा पुत्र अनिल भी जेल में बंद है।

बता दें कि वर्ष 2012-17 के दौरान मंत्री रहते हुए प्रजापति ने आय से छह गुना अधिक संपत्तियां बनाईं थीं। वैध स्रोतों से उनकी आय 50 लाख रुपये के करीबी थी, जबकि उनके पास तीन करोड़ से अधिक की संपत्तियां मिलीं थीं। सनद रहे कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति दुष्कर्म के मामले में जेल में निरुद्ध हैं। इस मामले में लखनऊ पुलिस ने 15 मार्च 2017 को पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और तब से वह जेल में हैं।

आय से छह गुना अधिक संपत्ति बनाने का आरोप

बुधवार सुबह प्रयागराज के ईडी के अधिकारी अमेठी कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी स्थित गायत्री प्रसाद के घर पर पहुंचे। बता दें कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद ईडी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री प्रजापति के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति होने का केस दर्ज किया कराया था। जांच में पता चला कि वर्ष 2012-17 के दौरान मंत्री रहते हुए प्रजापति ने आय से छह गुना अधिक संपत्तियां बनाईं। वैध स्रोतों से उनकी आय 50 लाख रुपये के करीबी थी, जबकि उनके पास तीन करोड़ से अधिक की संपत्तियां मिलीं। जांच में 22 ऐसी बेनामी संपत्तियों की भी जानकारी मिली, जो इसी अवधि में प्रजापति के करीबियों के नाम पर खरीदी गईं। ये संपत्तियां करीबी रिश्तेदारों, निजी सहायकों और ड्राइवरों के नाम पर हैं।

आयकर रिटर्न और बैंक खातों की जानकारी खंगालेगी ईडी

इन संपत्तियों के दस्तावेजों और संपत्तियों जिनके नाम खरीदी गई है अब उनसे पूछताछ होनी है। यह जानकारी मांगी जाएगी कि उन्होंने उनके पास संपत्तियां खरीदने के लिए धन किन स्रोतों से आया? उनसे आयकर रिटर्न और बैंक खातों के संबंध में भी जानकारी ली जाएगी। ऐसी ज्यादातर संपत्तियां भवन, भूखंड और फ्लैट के रूप में है। बता दें कि खनन घोटाले में प्रजापति के विरुद्ध सीबीआई की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के बाद ईडी ने भी मनी लॉंड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी इस मामले में प्रजापति व उनके दोनों बेटों समेत कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है।

गौरतलब है कि खनन घोटाले में ईडी ने अगस्त 2019 में सीबीआई की एफआईआर को आधार बनाकर पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद व बी.चंद्रकला समेत पांच आइएएस अधिकारियों के विरुद्ध प्रिवेंशन आफ मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी इस मामले में प्रजापति व उनके दोनों बेटों समेत कई लोगों से पूछताछ भी कर चुकी है। सीबीआई व ईडी पूर्व मंत्री से लंबी पूछताछ कर चुकी है।

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