
अमेठी के प्रशांत वीर बने IPL इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड प्लेयर, PC- X
अमेठी : अमेठी के गूजीपुर गांव का एक 20 साल का लड़का, जिसके पिता एक स्कूल टीचर हैं और महीने की कमाई 10-15 हजार रुपये। क्रिकेट का जुनून इतना कि कभी हार मानने का नाम नहीं लिया और फिर आया वो दिन- IPL 2026 मिनी ऑक्शन, अबू धाबी। बेस प्राइस सिर्फ 30 लाख, लेकिन बोली चढ़ती गई… 5 करोड़, 10 करोड़… और आखिर में चेन्नई सुपर किंग्स ने हथौड़ा मारा- 14.20 करोड़ रुपये। प्रशांत वीर IPL इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड प्लेयर बन गए। लेकिन सवाल ये कि CSK ने रविंद्र जडेजा के रिप्लेसमेंट के तौर पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया?
कहानी शुरू होती है उस चोट से, जो किसी और को तोड़ देती। मैच खेलते हुए प्रशांत के चेहरे पर गंभीर इंजरी, 7 टांके लगे। दर्द असहनीय, लेकिन प्रशांत ने आराम नहीं किया। सीधे अंडर-23 स्टेट टूर्नामेंट में उतरे और तहलका मचा दिया: 376 रन, 19 छक्के, 32 चौके और बॉलिंग में 18 विकेट। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। यही ब्रेवरी देखकर CSK के स्काउट्स का दिल जीत लिया- ये लड़का हार नहीं मानता।
फिर आया वो गेम-चेंजिंग हफ्ता – नवंबर 25 से दिसंबर 2। दो बड़े टूर्नामेंट एक साथ – अंडर-23 स्टेट ए और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी। सिर्फ 7 दिनों में 5 फ्लाइट्स, 1900 किमी की दौड़-भाग और 6 मैच! थकान? बिल्कुल नहीं। दोनों टूर्नामेंट में पीक परफॉर्मेंस: SMAT में 112 रन (स्ट्राइक रेट 170+) और 9 विकेट (इकॉनमी 6.76 से कम)।
IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने उन्हें महज 30 लाख के बेस प्राइस से शुरू होकर 14.20 करोड़ रुपये में खरीद लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड आवेश खान के नाम था, जिन्हें 2022 में 10 करोड़ में खरीदा गया था।
ऑक्शन में प्रशांत के लिए लखनऊ सुपर जायंट्स, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद ने भी बोली लगाई, लेकिन अंत में CSK ने बाजी मारी। रविंद्र जडेजा को ट्रेड करने के बाद CSK को लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर की जरूरत थी, और प्रशांत उस भूमिका के लिए परफेक्ट फिट बैठते हैं।
प्रशांत वीर लेफ्ट हैंड बैट्समैन और लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर हैं। उनकी तुलना रविंद्र जडेजा से की जा रही है क्योंकि:
CSK कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि प्रशांत की स्किल्स, ब्रेवरी और लायन हार्ट को देखकर यह निवेश किया गया। वह लंबे समय तक टीम के लिए उपयोगी साबित होंगे।
पिता रामेंद्र ने कहा, 'बेटे को कभी क्रिकेट से नहीं रोका। परिवार ने हमेशा सपोर्ट किया। आज पूरे गांव को गर्व है।' गांव के प्रधान प्रतिनिधि अरविंद पांडेय ने बताया, 'बचपन से क्रिकेट का शौक था। मेहनत का नतीजा है कि अमेठी का नाम रोशन किया।'
Updated on:
17 Dec 2025, 7:56 PM IST
Published on:
17 Dec 2025, 7:56 PM IST
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