Kerala Congress: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतकर एक दशक बाद शानदार वापसी की है। बहुमत मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन के बीच कड़ी टक्कर है।
Historic Victory: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 140 सीटों वाली विधानसभा में 102 सीटों पर कब्जा कर लिया है। इस शानदार जीत के साथ ही राज्य में पार्टी का पिछले 10 साल का सत्ता का सूखा खत्म हो गया है। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने अकेले 63 सीटें जीती हैं, जबकि उनकी सबसे अहम सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के खाते में 22 सीटें गई हैं।
बहुमत का आंकड़ा पार करने के बाद अब राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर महासचिव केसी वेणुगोपाल के बड़े-बड़े पोस्टर लग चुके हैं, जो उन्हें सीएम पद का प्रबल दावेदार बता रहे हैं। हालांकि, रेस में वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन भी मजबूती से खड़े हैं।
चेन्निथला और वेणुगोपाल बुधवार को दिल्ली पहुंचे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की। रमेश चेन्निथला ने साफ किया है कि अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही लेगा। उनका कहना है कि पार्टी में कई योग्य नेता हैं, लेकिन हाईकमान का जो भी आदेश होगा, उसे सभी एकजुट होकर स्वीकार करेंगे।
सरकार गठन को लेकर कांग्रेस ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अजय माकन और मुकुल वासनिक को पर्यवेक्षक बनाकर केरल भेजा है। ये दोनों वरिष्ठ नेता नव-निर्वाचित विधायकों से वन-टू-वन मुलाकात कर रहे हैं। विधायकों की राय और जमीनी हकीकत की रिपोर्ट बनाकर दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपी जाएगी।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष वीटी बलराम ने इस जीत को जनता का 'जबरदस्त समर्थन' बताया है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि यह वह पल है जिसका पार्टी के कार्यकर्ता पिछले एक दशक से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। वहीं, केसी वेणुगोपाल ने इस जीत का श्रेय केरल की जनता के भरोसे और राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे के कुशल नेतृत्व को दिया है।
इस प्रचंड जीत के बाद पूरे केरल में कांग्रेस और यूडीएफ कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। तिरुवनंतपुरम से लेकर वायनाड तक ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया जा रहा है। आम जनता और पार्टी कैडर इस नतीजे को बदलाव की लहर और राज्य में वामपंथी सत्ता के प्रति गहरी नाराजगी के रूप में देख रहे हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि राहुल गांधी के लगातार जनसंपर्क ने इस जीत की मजबूत नींव रखी।
पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक की ओर से विधायकों की राय जानने के बाद आज देर रात या कल सुबह तक दिल्ली में आलाकमान को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके तुरंत बाद दिल्ली से नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। राजभवन में भी नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान अनुभवी चेहरे पर दांव लगाता है या किसी नए रणनीतिकार को कुर्सी सौंपता है। (इनपुट : ANI)