आगरा

आगरा जिपलाइन हादसा: फूट-फूटकर रोए माता-पिता, कहा-2 घंटे तक तड़पता रहा बेटा, फर्स्ट एड तक नहीं था

Agra Zipline Accident News: जिपलाइन हादसे में जान गंवाने वाले 16 साल के कुनाल के परिजनों ने एडवेंचर कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बेटा दो घंटे तड़पता रहा, लेकिन इलाज नहीं मिला। उन्होंने डीएम दफ्तर पहुंचकर इंसाफ की गुहार लगाई।
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May 30, 2026
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डीएम दफ्तर में फूट फूटकर रोए माता-पिता लगाई इंसाफ की गुहार (Photo- Patrika)

Kunal Agarwal Death Zipline Accident: आगरा के जोनल पार्क में हुए जिपलाइन हादसे में अपने 16 साल के बेटे कुनाल को खोने वाले माता-पिता शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। बेटे की मौत के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से दुखी माता पिता अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने प्रशासन और एडवेंचर कंपनी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने बेटे के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है।

हुक टूटने से हुआ था दर्दनाक हादसा

ताजनगरी फेज 2 स्थित जोनल पार्क में 24 मई को यह भयानक हादसा हुआ था। फिरोजाबाद के रहने वाले चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल का 16 वर्षीय बेटा कुनाल जिपलाइन राइड कर रहा था। तभी कुनाल को सेफ्टी के लिए पहनाया गया हुक अचानक टूट गया और वह सीधे ऊंचाई से नीचे आ गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को कुनाल की मां रिंकी और पिता पंकज अग्रवाल अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे थे।

दो घंटे तक तड़पता रहा मेरा लाल

डीएम दफ्तर पहुंची कुनाल की मां रिंकी ने एडवेंचर कंपनी पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने रोते हुए अपना दर्द बयां किया और कहा कि उनका बेटा हादसे के बाद करीब दो घंटे तक जमीन पर तड़पता रहा, लेकिन कंपनी का कोई भी कर्मचारी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। उन्होंने बताया कि इतने बड़े पार्क में न तो फर्स्ट एड की कोई सुविधा मौजूद थी और न ही कोई एंबुलेंस वहां थी। आखिर में वे खुद अपने बच्चे को एक ऑटो में डालकर अस्पताल ले गए। मां का कहना है कि अगर कुनाल को समय पर सही इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

50 लाख मुआवजे की मांग

कुनाल के पिता पंकज अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद भी एडीए या ठेकेदार कंपनी का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उनके सामने नहीं आया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने जल्दबाजी में जो तहरीर ली उसमें भी कई कमियां हैं। इस दौरान मौजूद अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। संगठन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

डीएम ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रोते-बिलखते पीड़ित माता-पिता को ढांढस बंधाया और उनकी पूरी बात ध्यान से सुनी। डीएम ने परिवार को मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने साफ किया कि, इस पूरी घटना की जांच में जो भी व्यक्ति या कंपनी दोषी पाई जाएगी उसे बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।