
आगरा। आगरा में हुए तीस करोड़ के घोटाले का मास्टमाइंड कोट में पहुंच गया। पुलिस को उसकी तलाश पिछले कई दिनों से थी। लेकिन, पुलिस को चकमा देकर वो कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंच गया। लोग अपने रुपये मिलने की उम्मीद में बैठे हैं।
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दस साल पहले बनाई थी सोसायटी
बृजपाल और विष्णु अवतार ने 10 साल पहले आगरा में एलआईसी सोसायटी बनाई थी। इसमें आगरा सहित आस पास के जिलों के एलआईसी के कर्मचारी, रिटायट हो चुके कर्मचारियों और उनके परिजनों समेत करीब 200 लोगों ने 30 करोड से अधिक रुपये जमा किए थे। सोसायटी पर जमा रुपयों पर ब्याज पर सदस्यों को उठाया जाता था। इससे सोसायटी को जो ब्याज मिलती थी, उसे सोसायटी में जमा करने वाले सदस्यों में बांट दिया जाता था। सोसायटी में पांच से 10 लाख रुपये तक सदस्यों ने जमा किए थे। सदस्यों को ब्याज न मिलने पर उन्हें शक हुुआ। उन्होंने सोसायटी अध्यक्ष बृजपाल और सचिव विष्णु अवतार से संपर्क किया तो वह गुमराह करते रहे। इसके बाद मोबाइल बंद कर दिया और भूमिगत हो गए। लोगों ने इसकी रिपोर्ट थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई थी।
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कोर्ट में किया सरेंडर
मंगलवार को आरोपी सोसा यटी के अध्य क्ष बृजपाल और सचिव विष्णु अवतार ने सीजे एम कोर्ट में सरेंडर किया। सोसायटी के लोग अब अपनी रकम वापस पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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