ग्वालियर के सिंधिया स्कूल द्वारा होटल पीएल पैलेस में आयोजित किया जाएगा एन ओपन हाउस फॉर पैरेन्ट्स कार्यक्रम।
आगरा। शिक्षा के व्यवसायीकरण के दौर में मूल्यवान व संस्कारयुक्त शिक्षा लुप्त हो रही है। हमारे बच्चे आईएएस, डॉक्टर और ईंजीनियर तो बन रहे हैं, लेकिन अच्छे इंसान नहीं बन पा रहे। ऐसा इसलिए हो रहा कि हम शिक्षा के वास्तविक ध्येय को भूल रहे हैं। यह कहना था ग्लालियर के सिंधिया स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. माधव देव सारस्वत का। वह सिंधिया ओल्ड बॉयस एसोसिएशन (सोबा) के साथ मिलकर देश भर में मूल्यवान शिक्षा के लिए शहर-शहर अभिभावकों से मिलकर अलख जगा रहे हैं।
यहां होगा कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भागदौड़ वाली जीवन शैली गलाकाट प्रतिस्पर्धा के दौर में हम अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ कैसे उनका चरित्र निर्माण व उनके मन में संवेदनाएं विकसित करें। इसी उद्देश्य के साथ 25 अप्रैल को संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में एन ओपन हाउस फॉर पैरेन्ट्स कार्यक्रम का आयोजन शाम 5 बजे से 7 बजे तक किया जा रहा है। जिसमें शहर के सभी अभिभावक भाग ले सकते हैं। एंट्री निशुल्क है। कार्यक्रम में शिक्षाविदों के साथ अभिभावकों की वर्तमान शिक्षा प्रणाली, घटते मुल्य व शिक्षा के व्यवसायीकरण पर खुली चर्चा होगी। डॉ. सारस्वत का स्वागत सोबा आगरा के अध्यक्ष मनीष बंसल ने किया। इस अवसर पर सोबा सचिव सिद्धार्थ शर्मा, अरविन्द कपूर, अंकुर भार्गव, सुषार कपूर, शुभम बंसल, अनुराग मित्तल, वरुण कांत आदि मौजूद थे।
25 वर्ष पुराना है सिंधिया स्कूल का इतिहास
एजुकेशन वर्ड द्वारा 2017-2018 के लिए आवासीय विद्यालयों में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाला ग्वालियर का सिंधिया स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. माधव देव सारस्वत ने बताया कि इस स्कूल की स्थापना 1897 में सरदार स्कूल के रूप में महाराजा माधवराव सिंधिया प्रथम द्वारा की गई थी। जिसमें राजा महाराजा भी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं।
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