अब सरकार ऐसे मजरे जिनमें दस घर भी हैं वहां तक भी सोलर पैनल के जरिए प्रकाश पहुंचाएगी और खास बात यह है कि इन लाभार्थियों को कनेक्शन के साथ एक किट भी मिलेगी व कोई बिल भी नहीं देना होगा।
आगरा। सैभाग्य योजना (प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना) में गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अकेले दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम क्षेत्र में ही इस योजना के अंतर्गत 8,39,888 परिवारों को निशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा चुुके हैं इसके साथ ही कुल 3815 मजरों में निशुल्क को नेक्शन देकर संतृप्त किया जा चुका है। इस योजना में सभी घरों को ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य 30.11.2018 निर्धारित है। अब सरकार ऐसे मजरे जिनमें दस घर भी हैं वहां तक भी सोलर पैनल के जरिए प्रकाश पहुंचाएगी और खास बात यह है कि इन लाभार्थियों को कनेक्शन के साथ एक किट भी मिलेगी व कोई बिल भी नहीं देना होगा।
कनेक्शन के साथ किट भी
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि दस घऱ की या 25-30 लोगों की आबादी वाले मजरों को भी ऊर्जीजीकृत किया जा रहा है। यहां सौभाग्य योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगाए जाएंगे। डीवीवीएनएल के एमडी एसके वर्मा ने बताया कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के 21 जिलों में 571 मजरे ऐसे हैं जहां दस से कम घर हैं। इन मजरों में कुल 3249 घर हैं जिन्हें सोलर पैनल लगा कर मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके साथ ही इन लाभार्थियों को 200 वाट की सोलर पैनल एवं बैटरी, पांच एलईडी, 20 वाट का एक फैन, पॉवर प्लग और मोबाइल चार्जिंग की एक यूएसबी फ्री दी जाएगी।
पांच साल रख रखाव भी
इन मजरों में विद्युत कनेक्शन देने के बाद पांच साल तक रखरखाव भी सरकार की तरफ से ही किया जाएगा और चूंकि सोलर पैनल के जरिए बिजली मिल रही है इसलिए किसी भी तरह का बिल नहीं लिया जाएगा।
यूपी नेडा करेगा कार्य
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि इस तरह के मजरों में सोलर पैनल के जरिए बिजली पहुंचाने के लिए यूपी नेडा को विभाग द्वारा ऐसे मजरों व घरों की पूरी सूची उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही यूपी नेडा द्वारा कार्य शुरू किया जा रहा है। राहर घर को रोशन करने का लक्ष्य है। इसीके अंतर्गत छोटे से छोटे दुर्गम मजरों तक भी प्रकाश पहुंचाया जाएगा। उन्हेंने यह भी कहा कि छोटे मजरों में भी सोलर पैनल के जरिए लाइट पहुंचा रहे हैं लेकिन फिर भी अधिकतर जगहों पर एलटी लाइन/एचटी लाइन से लाइट पहुंचाई जाने का प्रयास है।