आगरा

मरकर जिन्दा हुई शिक्षामित्र और फिर हुआ कुछ ऐसा कि..

दाह संस्कार के समय फिर से जीवित हो गई शिक्षामित्र।

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Jun 23, 2018
death
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आगरा। मौत के बार में किसी ने कहा है- मौत आई हमको खबर न हुई, ऐसी गफलत तो उम्रभर न हुई। जी हां, मौत का कोई समय तय नहीं है। न जाने कब किसको मौत अपने आगोश में समेट ले। यहां हम जो बात करने जा रहे हैं, वह इससे हटकर है। समायोजन रद्द होने से तनावग्रस्त शिक्षामित्र सोन देवी की हृदयाघात से मौत हो गई। परिजन दाह संस्कार की तैयारी करने लगे, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर जीवित हो गई। उसे परिजन अस्पताल लेकर भागे।

अचानक हुआ हृदयाघात
मामला थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव मलपुरा का है। सोन देवी पत्नी पप्पू शिक्षामित्र थी। खेरागढ़ में तैनात थी। ससुराल मलपुरा में है। वैसे तो वह ज्यादातर मायके में रहती थी, छुट्टियों के कारण इस समय ससुराल मलपुरा में थी। उसके दो बच्चे हैं। शनिवार की सुबह सोनदेवी को अचानक ही हृदयाघात हुआ। देखते ही देखते उसके प्राणपखेरू उड़ गए। परिजन उसे लेकर डॉक्टर के यहां गए, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।


बुदबुदाने पर अस्पताल लेकर भागे परिजन
सभी रिश्तेदारों को सोनदेवी के स्वर्गवासी होने की सूचना दे दी गई। परिवार में हाहाकार मच गया। दाह संस्कार की तैयारी होने लगी। सब सामान आ गया। फिर किसी ने देखा कि सोनदेवी बुदबुदा रही है। एकबारगी पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन सोनदेवी को लेकर एसआर हॉस्पिटल, सांई की तकिया आए। सोनदेवी को सघन चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन दोबारा आए प्राण फिर से चले गए। सोनदेवी को बचाया नहीं जा सका।

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समायोजन रद्द हो जाने से तनाव में थी
उल्लेखनीय है कि मौत के मुंह से लौटकर आने की कई घटनाएं हाल ही में हो चुकी हैं। इससे लग रहा था कि सोन देवी फिर से जीवित हो जाएगी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। परिजनों का कहना है कि शिक्षामित्र का समायोजन रद हो जाने से सोनदेवी तनाव में थी। फिलहाल चिकित्सकों ने मौत का कारण हृदयाघात माना है।

Published on:
23 Jun 2018 04:12 pm