Samajwadi Party और Samajwadi Secular Morcha कार्यकर्ताओं के बीच कड़वाहट भी साफ दिखने लगी है। नौबत मारपीट तक आ रही है।
आगरा। मुलायमम सिंह यादव की लाख कोशिशों के बाद भी शिवपाल और अखिलेश को अलग रास्ता चुनना पड़ा। शिवपाल यादव द्वारा समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाए जाने के बाद लगातार समाजवादी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का सिलसिला जारी है। सपा छोड़कर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा में शामिल होने वाले अधिकतर ऐसे नेता बताए जा रहे हैं जो सपा में अपने आप को अपमानित या किनारे पर महसूस कर रहे थेे, ऐसे नेता/कार्यकर्ता अब खुल कर शिवपाल के समर्थन में उतर आए हैं। यही कारण है कि अब दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच कड़वाहट भी साफ दिखने लगी है। नौबत मारपीट तक आ रही है।
अभी हाल ही में एटा और बरेली में सपा नेताओं द्वारा शिवपाल को बीजेपी का एजेंंट बताते हुए निशाना साधा गया था तो वहीं आगरा में समाजवादी सेक्युलर मोर्चा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में टकराव की स्थिति आ गई।हालांकि कुछ वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला रफा दफा कर दिया गया।
क्या है मामला
दरअसल आगरा के फतेहाबाद रोड पर एक सपा कार्यकर्ता के यहां निजी कार्यक्रम का आयोजन था। इस कार्यक्रम में सपा के तमाम नेेता, कार्यकर्ता पहुंचे वहीं हाल ही में सेक्युलर मोर्चे का दामन थामने वाले पूर्व सपा नेता भी पहुंचे। इस दौरान अखिलेश औऱ शिवपाल समर्थकों के बीच संगठन पर छींटाकसी को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हो गई। दोनों दलों के नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर भड़ास निकाली। मारपीट तक की नौबत आ गई इसी बीच कुछ लोगों द्वारा बीच बचाव कर मामला रफा दफा कर दिया गया। विवाद पर सपा और सेक्युलर मोर्चे के पदाधिकारियों ने अब चुप्पी साध ली है।