आगरा

209 साल पहले आए भयानक भूकम्प से हिल गया था आगरा, नौ बार पड़ चुका है अकाल

1834 और 1906 में अकाल इतना भयानक था कि सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी

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May 12, 2018
tajmahal

आगरा। अभी आगरावासी आंधी और तूफान से परेशान हैं। आगरा में दो बार तूफान और एक बार की आंधी से पांच दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अंदाजा लगाइए कि भूकंप आएगा तो क्या होगा? वर्ष 1809 में इतना भयंकर भूकंप आया था कि आगरा हिल गया था। आगरा में अब तक नौ बार अकाल पड़ चुका है। इसके बाद भी आगरा के विकास गति रुकी नहीं है। खास बात यह है कि सारी घटनाएं ब्रिटिश काल की हैं।

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1809 में आया था भूकंप

आगरा में 209 साल पहले 1809 में भूकंप आया था। ताजमहल , आगरा किला , अकबर का मकबरा सिकंदरा, रामबाग, जामा मस्जिद जैसे स्मारकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। हां, रईसों की कोठियां जरूर ध्वस्त हो गई थीं। इतिहासकार राजकिशोर राजे बताते हैं कि भूकंप के बारे में अधिक वर्णन तो नहीं मिलता है, लेकिन इतना उल्लेख है कि आगरा हिल गया था। 11 अप्रैल, दो मई और नौ मई, 2018 को तूफान आया और पूरे आगरा में हाहाकार मच गया। 209 साल पहले क्या हुआ होगा, इसका अंदाज लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि तब तो इतने साधन भी नहीं थी कि लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। अनुमान लगाया जा सकता है कि जान और माल का कितना नुकसान हुआ होगा। वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना बताते हैं कि आगरा में 1809 में आए भूकंप से हुए नुकसान के बारे में कोई लिखित दस्तावेज नहीं है। आगरा में 12 और 13 मई को फिर से तूफान आने की भविष्यवाणी की गई है।

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अकाल का शिकार रहा है आगरा

सन 1813-14 में रबी और खरीफ की फसलें खऱाब हो गईं। इसके चलते अनाज की कमी पड़ गई। यह आगरा में पहला अकाल था। इसके बाद 1819 और 1825 में फिर से अकाल और सूखा पड़ गया। सन 1837-38 में अकाल इतना भयानक था कि सैकड़ों लोगों की भूख से मौत हो गई थी। सन 1860-61 में फिर से सूखा पड़ा और मंहगाई हो गई। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ गए थे। 1868, 1877-78, 1896-97, 1901-02, 1905-06 में भी भीषण अकाल पड़ा था। इसके बाद 1914 में अकाल ने फिर से त्राहि-त्राहि मचा दी थी। 1837 में पड़े अकाल की पुनरावृत्ति हुई थी। अंग्रजों ने तकाबी बांटकर जनता को राहत देने का प्रयास किया था। इतिहासकार राजकिशोर राज ने तवारीख-ए-आगरा में अकाल का उल्लेख किया है।

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Published on:
12 May 2018 09:14 am
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