अहमदाबाद

Nepal Flood: नेपाल की बाढ़ में अपनों की तलाश होगी आसान, डीएनए से पहचान के लिए गुजरात से एनएफएसयू की टीम रवाना

Nepal Flash Floods: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की पहचान के लिए गुजरात से एनएफएसयू की 10 सदस्यीय टीम नेपाल रवाना हुई है। टीम बरामद शवों के डीएनए नमूनों का परिजनों के नमूनों से मिलान कर पहचान करेगी।
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Nepal Flash Floods
बाढ़ के बाद लोगों को तलाश करती टीम। फोटो- आईएएनएस

गांधीनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए गुजरात की राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की 10 सदस्यीय टीम नेपाल रवाना हो गई है। टीम आपदा में मारे गए लोगों की पहचान के लिए डीएनए जांच और नमूनों के मिलान का काम करेगी। टीम का नेतृत्व विश्वविद्यालय के डीएनए फोरेंसिक उत्कृष्टता केंद्र के प्रमुख भार्गव पटेल कर रहे हैं। यह दल विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की संयुक्त निगरानी में काम करेगा। नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या शनिवार तक 650 के पार पहुंच गई है, जबकि करीब 2 हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

बड़े पैमाने पर मची तबाही

केंद्रीय नेपाल और नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन कई इलाकों में सड़कें और पुल टूटने से राहत और खोज अभियान में परेशानी आ रही है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं। गुजरात से जुड़े 25 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

अवशेषों से डीएनए नमूने लेगी

एनएफएसयू के अनुसार, टीम बरामद शवों और अवशेषों से डीएनए नमूने लेगी। इन नमूनों का मिलान लापता लोगों के परिजनों के डीएनए नमूनों से किया जाएगा। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवारों को उनके परिजनों से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय ने बताया कि उसे बड़े हादसों में डीएनए से पहचान करने का अनुभव है। 12 जून 2025 को हुए एआई-171 विमान हादसे के बाद मृतकों की पहचान का डीएनए मिलान 10 दिन में पूरा किया गया था।

एनएफएसयू के विशेषज्ञ अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ मिलकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत में लापता हुए अमेरिकी सैनिकों की तलाश में भी काम कर रहे हैं। इस अभियान में अब तक तीन सैनिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय में मानव पहचान और आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए विशेष विशेषज्ञता और सुविधाएं उपलब्ध हैं। नेपाल में भेजी गई टीम इसी अनुभव का इस्तेमाल कर लापता लोगों के परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद करेगी।

Updated on:
29 Aug 2026 09:57 pm
Published on:
29 Aug 2026 09:44 pm