अहमदाबाद

भारतीय रेलवे ने रचा इतिहास, सूरत से धड़कता दिल वंदे भारत ट्रेन से पहुंचा अहमदाबाद, पहली बार हुआ ऐसा

Vande Bharat Heart Transport: गुजरात में शुक्रवार को भारतीय रेल ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इतिहास रच दिया। दरअसल, धड़कते दिल को पहली बार वंदे भारत ट्रेन के जरिए सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। यह जीवनरक्षक मिशन वंदे भारत एक्सप्रेस की मदद से सफल हुआ।
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Vande Bharat heart transport
ग्रीन कॉरिडोर के बीच अहमदाबाद स्टेशन पर धड़कता दिल ले जाते कर्मचारी। फोटो पत्रिका नेटवर्क

अहमदाबाद। गुजरात में शुक्रवार को भारतीय रेल ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इतिहास रच दिया। दरअसल, धड़कते दिल को पहली बार वंदे भारत ट्रेन के जरिए सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया। यह जीवनरक्षक मिशन वंदे भारत एक्सप्रेस की मदद से सफल हुआ। हृदय को अब अहमदाबाद स्थित यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाएगा।

यह हृदय 36 वर्षीय मिथुन लक्ष्मण स्वैन का है, जो मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले मिथुन सूरत के पास पीपोदरा गांव में रहते थे। वे मशीन ऑपरेटर के रूप में काम करते थे। 28 जुलाई को उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया। बाद में उन्हें सूरत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 30 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद उनकी पत्नी और परिवार ने अंगदान का फैसला लिया, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर समय पर पहुंचाया हृदय

ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से दिल को सूरत से अहमदाबाद लाया गया। हालांकि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और गुजरात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया। ट्रेन के पहुंचते ही इसके जरिए दिल को बिना किसी रुकावट के सीधे एम्बुलेंस यू.एन. मेहता अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि प्रत्यारोपण में देरी न हो।

रेलवे, पुलिस और डॉक्टरों का शानदार तालमेल

प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तरुण जैन ने कहा कि अस्पताल प्रशासन से मदद मांगी गई थी। बाद में सूरत और अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। यह हमारे लिए गर्व की बात है। रेल प्रशासन को पूरा सहयोग रहा।

मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि किसी की जान बचाने में भारतीय रेल की भागीदारी गर्व की बात है। ऐसे मिशन में हर मिनट कीमती होता है और रेलवे, आरपीएफ, गुजरात पुलिस तथा डॉक्टरों के बेहतर समन्वय से यह अभियान सफल हुआ।

Updated on:
31 Jul 2026 06:01 pm
Published on:
31 Jul 2026 05:56 pm