अजमेर

अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर सद्दाम हुसैन सस्पेंड, चर्चित ‘ब्लैकमेल कांड’ के मास्टरमाइंड से करवाई कैदियों की वीडियो कॉल पर बात 

Security Breach In Ajmer Central Jail: अजमेर सेंट्रल जेल में बड़ा प्रशासनिक धमाका, 1992 ब्लैकमेल कांड के आरोपियों की मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल कराने वाले जेलर सद्दाम हुसैन निलंबित। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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Aug 08, 2026
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AI Pic

राजस्थान की सबसे संवेदनशील मानी जाने वाली अजमेर सेंट्रल जेल में सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की निष्ठा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जेल के अंदर से कैदियों की अपराधियों से सांठगांठ का एक चौंकाने वाला मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अजमेर सेंट्रल जेल के जेलर सद्दाम हुसैन को सरकारी मोबाइल फोन से सजायाफ्ता कैदियों की बाहर के मुख्य आरोपियों से वीडियो कॉल पर बातचीत कराने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीजी जेल अशोक राठौड़ ने आदेश जारी करते हुए सद्दाम हुसैन का मुख्यालय श्रीगंगानगर शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं जेलर के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू होगी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद कारागार विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

1992 ब्लैकमेल कांड के मास्टरमाइंड से वीडियो कॉल

मिली जानकारी के अनुसार, अजमेर के चर्चित 1992 ब्लैकमेलिंग कांड (100 से अधिक छात्राओं व महिलाओं के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का मामला) के तीन सजायाफ्ता कैदियों की बातचीत जेलर के कार्यालय में बैठकर कराई जा रही थी। जेलर सद्दाम हुसैन अपने सरकारी कार्य के लिए आवंटित आधिकारिक मोबाइल फोन से कैदियों की बात इस घिनौने कांड के मास्टरमाइंड नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल के जरिए करवा रहे थे।

जेलर के चैंबर में हुई इस वीडियो कॉलिंग की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि जेल कर्मियों की अपराधियों के साथ मिलीभगत किस हद तक गहराई हुई है।

Ajmer Jail : सेन्ट्रल जेल अजमेर। फाइल फोटो पत्रिका

जेलर सद्दाम हुसैन पर गिरी गाज, उच्चस्तरीय जांच शुरू

सरकारी मोबाइल का दुरुपयोग कर जेल के भीतर गंभीर अपराधियों को अवैध सुविधाएं मुहैया कराने का पर्दाफाश होते ही महानिदेशक (कार्यालय कारागार) ने सख्त रुख अपनाया।

सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक और मिलीभगत साबित होने पर जेलर सद्दाम हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है कि क्या इस सांठगांठ में जेल के अन्य कर्मचारी या वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

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अजमेर सेंट्रल जेल : सुरक्षा पर बार-बार उठ रहे सवाल

अजमेर सेंट्रल जेल में सुरक्षा चूक की यह कोई पहली घटना नहीं है। अभी कुछ ही समय पहले इसी जेल के भीतर एक कैदी द्वारा दूसरे कैदी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उस खूनी वारदात के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भारी सवाल उठे थे।

अब हत्या के बाद जेलर द्वारा ही कैदियों की मास्टरमाइंड से वीडियो कॉल कराने का मामला सामने आने से यह साफ हो गया है कि जेल के कड़े नियमों को ताक पर रखकर अपराधियों को वीआईपी सुविधाएं दी जा रही थीं।

Updated on:
08 Aug 2026 03:15 pm
Published on:
08 Aug 2026 02:56 pm