ajmer dargah news : सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर मातृभूमि के हित में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लागू करने पर पुनर्विचार करने की मांग की है। दरगाह दीवान ने हाल ही एक बयान जारी कर कहा था कि नागरिकता संशोधन बिल किसी भी तरह से देश के मुसलमानों के विरुद्ध नहीं है।
अजमेर. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (dargah) के दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर मातृभूमि के हित में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लागू करने पर पुनर्विचार करने की मांग की है। दीवान (diwan) ने पत्र में लिखा है कि देश के हालात को देखते हुए आंदोलनकारियों से एक बार बैठकर बातचीत की जाए और उनमें विश्वास कायम करने के बाद ही सीएए को लागू किया जाए।
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दीवान ने कहा कि भारतीय मुसलमानों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। एेसे किसी भी कानून को लागू नहीं किया जाना चाहिए जो किसी भी धर्म की भावनाओं को किसी भी रूप से प्रभावित या आहत करता है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियों को भी अत्यंत संयम के साथ स्थिति से निपटने के निर्देश दिए जाएं।
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दीवान ने कहा कि समय की जरूरत है कि हम अपनी महान मातृभूमि की एकता और अखंडता को बिगाडऩे वाली आग को बुझाएं। गौरतलब है कि दरगाह दीवान ने हाल ही एक बयान जारी कर कहा था कि नागरिकता संशोधन बिल किसी भी तरह से देश के मुसलमानों के विरुद्ध नहीं है।