
अजमेर: अलवर गेट थाना क्षेत्र में नारेली की पहाड़ियों में मिले नर कंकाल की प्रथम दृष्ट्या पहचान के बाद बुधवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम में डीएनए जांच के लिए नमूने सुरक्षित कराए हैं। मृतक की मां के डीएनए से मिलान कर पहचान की अंतिम पुष्टि की जाएगी। पुलिस मामले में मौत के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से भी पता लगाने में जुटी है।
थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह जाखड़ ने बताया कि गत 24 जुलाई को नारेली के निकट पहाड़ी क्षेत्र में कंकाल मिला था। घटनास्थल के पास खड़ी मोटरसाइकिल के पंजीकरण के आधार पर उसकी पहचान डोडियास निवासी अर्जुन सिंह पुत्र हीरा सिंह रावत के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। जांच में अर्जुन के मोबाइल की अंतिम लोकेशन भी घटना स्थल के आसपास मिली। पुलिस ने घटना स्थल पर तलाशी में उसका मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अर्जुन करीब 20 दिन पहले बिना बताए घर से निकल गया था। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस पड़ताल में यह भी सामने आया कि वह शराब का आदी था और पिछले कुछ समय से परिजनों से अलग-थलग रह रहा था।
जांच के दौरान पुलिस को अर्जुन की सोशल मीडिया पर बनाई गई अलग-अलग आईडी की जानकारी मिली। इनमें से एक पोस्ट में उसने लिखा था कि उसका जिंदगी से मोहभंग हो चुका है और जहर पी रहा है। पुलिस इन पोस्ट को भी जांच का हिस्सा मानकर सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के अनुसार, अर्जुन पॉक्सो अधिनियम के एक मामले में करीब सात वर्ष तक जेल में रह चुका था और कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था। उसके खिलाफ गेगल और श्रीनगर थाना क्षेत्र में दो प्रकरण दर्ज है। पुलिस उसके आपराधिक और सामाजिक पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है।
बुधवार को मेडिकल बोर्ड से कंकाल का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए नमूने सुरक्षित कराए हैं, जिनका मिलान मृतक की मां के रक्त और बाल के नमूनों से कराया जाएगा।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक का सिर धड़ से अलग मिला था। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में सुपर इम्पोजिशन तकनीक से सिर और कंकाल का मिलान कराया जाएगा। साथ ही हड्डियों के नमूनों की जांच कर शरीर में किसी प्रकार का विषाक्त पदार्थ मौजूद होने की जांच की जाएगी।
पोस्टमॉर्टम से पहले परिजनों को कंकाल अर्जुन का होने को लेकर संशय था। हालांकि, पुलिस ने वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद आवश्यक कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद कंकाल को अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सुपुर्द कर दिया।