19 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर: ATM से फंसे 10 हजार निकालने के लिए कस्टमर केयर पर किया था कॉल, फिर गंवाए 5.68 लाख, ऐसे हुआ युवक के साथ खेल

Cyber Fraud: अजमेर में एटीएम से 10 हजार रुपए निकालने के लिए कस्टमर केयर पर कॉल करना युवक को भारी पड़ गया। जानें कैसे हुआ युवक के साथ खेल...
2 min read
Google source verification
ajmer cyber fraud

Ai Generated Image

अजमेर. बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से 10 हजार रुपए निकालने पहुंचे युवक को उस समय बड़ा झटका लगा, जब एटीएम से रकम नहीं निकलने के बाद कस्टमर केयर पर मदद के लिए किया गया फोन ही साइबर ठगी का कारण बन गया। खुद को बैंककर्मी बताने वाले एक व्यक्ति ने युवक को फंसी हुई रकम वापस दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उससे BOB World ऐप डाउनलोड करवाकर खाते से जुड़ी जानकारी और ओटीपी हासिल कर लिया गया। ओटीपी मिलते ही ठग ने उसके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 5 लाख 68 हजार रुपए निकाल लिए। पुलिस में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

पैसे निकालते समय चली गई थी बिजली

पुलिस के अनुसार पलटन बाजार स्थित प्रेम भवन निवासी चंद्रशेखर संगत (34) ने रिपोर्ट में बताया कि 5 अगस्त 2024 को वह कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से 10 हजार रुपए निकालने गया था। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई। बिजली जाने के कारण एटीएम से पैसे बाहर नहीं निकले, जबकि युवक को यह उम्मीद थी कि रकम कुछ समय बाद खाते में वापस आ जाएगी। मामले की जानकारी लेने के लिए उसने एटीएम पर लिखे कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने उसे भरोसा दिलाया कि तकनीकी कारणों से रकम अटक गई है और 72 घंटे के भीतर उसके खाते में वापस आ जाएगी।

दो दिन बाद हुआ युवक के साथ खेल

इसके दो दिन बाद 7 अगस्त को राजीव नाम के एक व्यक्ति ने युवक को फोन किया। उसने खुद को बैंक से जुड़ा कर्मचारी बताते हुए कहा कि एटीएम में फंसे हुए पैसे जल्द वापस लेने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आरोपी ने युवक को BOB World ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा और ऐप के जरिए रकम वापस मिलने का भरोसा दिलाया। युवक आरोपी की बातों पर विश्वास कर बैठा और उसके बताए अनुसार ऐप डाउनलोड कर लिया।

इसके बाद आरोपी ने बैंक खाते से संबंधित कई जानकारियां मांगीं। झांसे में आए चंद्रशेखर ने खाता नंबर, एटीएम नंबर और ओटीपी जैसी जानकारी आरोपी को बता दी। ओटीपी मिलते ही ठग ने उसके खाते से रकम निकालना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में युवक के खाते से लाखों रुपए की रकम अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पार कर दी गई।

खाते से 14 ट्रांजेक्शन में 5.68 लाख पार

ओटीपी देने के बाद उसके बैंक खाते से 14 बार में कुल 5 लाख 68 हजार 397 रुपए निकल गए। पीड़ित ने 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत की तो उसके खाते में एक लाख 23 हजार 648 रुपए वापस आए गए जबकि 41 हजार 260 रुपए बैंक ने होल्ड किए लेकिन अब भी 4 लाख 44,749 रुपए ठग के पास है।

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा

पीड़ित ने पुलिस कार्रवाई के लिए पहले सिविल लाइन थाने और एसपी को शिकायत दी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। तब एसीजेएम-3 कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। फिर कोर्ट के आदेश पर प्रकरण दर्ज कर लिया।