
अजमेर/पुष्कर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कड़ैल की छात्रा से बैड-टच के आरोपी स्कूल प्रिंसिपल सुशील रिणवा के मुंह पर कालिख पुतवाने के मामले में शिक्षा विभाग ने छात्रा को कथित रूप से उकसा कर उसके द्वारा कालिख पुतवाने वाली डूंगरियाखुर्द गांव की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका रोशन दीप श्रीमाली सहित राउमावि कड़ैल के दो प्रयोगशाला सहायक हिया सोलंकी व रोशन कुमार रोलानिया को निलम्बित कर दिया।
निलम्बन काल में श्रीमाली का मुख्यालय कार्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सावर, हिया सोलंकी का मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा अरांई व रोलानिया का सीबीईओ समग्र शिक्षा केकड़ी रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक व (मुख्यालय) माध्यमिक अजमेर ने कडैल विद्यालय के पीईईओ को आदेशों की तामील करा निलंबित कार्मिकों को तत्काल कार्यमुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार घटनाक्रम 17 अगस्त का है, जब स्कूल प्रधानाचार्य रिणवा द्वारार स्कूल की छात्रा से बेडटच के आरोप में ग्रामीणों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया था। इसी दौरान कड़ैल स्कूल के अधीन आने वाली राउप्रावि डूंगरियाखुर्द में पदस्थ शिक्षिका रोशनदीप श्रीमाली ने कड़ैल स्कूल पहुंच कर प्रधानाचार्य के मुंह पर संबंधित छात्रा से कालिख पुतवा दी थी।
प्रधानाचार्य की ओर से दायर परिवाद में अध्यापिका रोशनदीप पर छात्रा को उकसाते हुए मुंह पर कालिख पुतवाने तथा सुमित पाराशर के माध्यम से घटना का लाइव वीडियो बनाकर सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया में वायरल करवाकर अपमानित करने, मौके पर एकत्र भीड़ को उकसाने के आरोप है। घटना के दौरान पुलिस जीप से प्रधानाचार्य रिणवा की जेब से 21 हजार रुपए की राजकीय राशि छीनने तथा विद्यालय में खड़ी कार में तोडफोड करते हुए सरकारी लेपटॉप, दस्तावेज, मोबाइल, चाबियां व अन्य सामान जलाने का प्रयास करने के आरोप भी है। कडैल विद्यालय की प्रयोगशाला सहायक सोलंकी व रोलानिया पर भी इस कृत्य में सहयोग देने का आरोप लगाए गए है।
छात्रा से बेडटच के आरोप में निलम्बित होने के बाद प्रधानाचार्य रिणवा की ओर से पेश किए गए परिवाद पर कोर्ट के आदेश से पुलिस ने डूंगरिया खुर्द की अध्यापिका रोशन दीप श्रीमाली, पूर्व जिला परिषद सदस्य महेन्द्र सिंह मझेवला, पुष्कर के सुमित पाराशर, ज्योत्सना सोलंकी, धारा सिंह सोलंकी सहित अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा उत्पन्न कर अपहरण, मारपीट, लूट व सरकारी कारी सम्पत्ति को खुर्द बुर्द करने सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।