अजमेर रीजन में अब केवल राजस्थान और गुजरात के स्कूल ही रह गए हैं।
अजमेर. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) प्रायोगिक (practical) और वार्षिक परीक्षाओं (annual exams) की तैयारी में जुट गया है। सीबीएसई जनवरी अंत या फरवरी में प्रायोगिक परीक्षाएं कराएगा। इसके बाद सालाना परीक्षाएं प्रारंभ होगी।
सीबीएसई के अजमेर, नई दिल्ली, पंचकुला, गुवाहाटी, इलाहाबाद, देहरादून, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई, तिरुवंतपुरम बेंगलूरू, चंडीगढ़, भोपाल, नोएडा, पुणे एवं दिल्ली वेस्ट रीजन में दसवीं और बारहवीं के 32 लाख से ज्यादा नियमित (regular) और स्वयंपाठी (private) विद्यार्थी 2020 की वार्षिक परीक्षा देंगे। इनके ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने का काम पूरा हो चुका है।
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प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी
नए साल यानि 2020 की शुरुआत के साथ बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं (practical exams) होंगी। यह फरवरी के पहले पखवाड़े में समाप्त होंगी। इसके बाद फरवरी के दूसरे पखवाड़े अथवा मार्च में विषयवार सालाना परीक्षाएं (annual exam) कराई जाएंगी। बोर्ड टाइम टेबल, परीक्षकों की नियुक्ति, प्रश्न पत्र निर्माण, कॉपियों के मुद्रण में जुट गया है। यह कार्य दिसम्बर के अंत तक पूरे हो जाएंगे।
अजमेर का दायरा हुआ छोटा
अजमेर रीजन में अब तक राजस्थान (rajasthan), गुजरात (gujrat), मध्यप्रदेश (MP) सहित दादर नागर हवेली क्षेत्र के स्कूल शामिल थे। बोर्ड ने मध्यप्रदेश के स्कूल को नवसृजित भोपाल रीजन (bhopal) से जोड़ दिया है। साथ ही दादर नागर हवेली को नवसृजित पुणे रीजन से जोड़ा गया है। अजमेर रीजन (ajmer region) में अब केवल राजस्थान और गुजरात के स्कूल ही रह गए हैं।
अगले वर्ष यह होंगे बदलाव
-दसवीं में गणित के सरल और कठिन पेपर का विकल्प
-विद्यार्थियों की परस्पर दूसरे स्कूल में होगी दसवीं-बारहवीं की प्रायोगिक परीक्षाएं