Ajmer Crime News: अजमेर में करोड़ों की धोखाधड़ी कर फरार सिपाही सेठुराम को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। लंबे समय से गैरहाजिर और वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कड़ा संदेश दिया है।
अजमेर। करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर फरार हुए जिला पुलिस के सिपाही सेठुराम को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने सिपाही सेठुराम का प्रकरण सामने आने के बाद मुख्यालय के आदेश पर कार्रवाई की। हालिया कार्रवाई से पुलिस अधीक्षक ने पुलिस बेड़े के फरार, गैरहाजिर पुलिसकर्मियों को नहीं बख्शे जाने का भी कड़ा संदेश दिया।
‘पत्रिका’ के विगत 31 मार्च के अंक में ‘आठ साल से फरार सिपाही को किया पदोन्नत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार के पश्चात आईजी(अजमेर रेंज) राजेन्द्र सिंह और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह में मामले की रिपोर्ट तलब की। रिपोर्ट में सिपाही सेठुराम के सात साल 9 माह से पुलिस सेवा से गैरहाजिर चलने की पुष्टि हो गई।
उसके खिलाफ गेगल पुलिस थाने में धोखाधड़ी के प्रकरण भी दर्ज हैं। जिनमें कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हैं। एसपी अग्रवाला ने लम्बे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर सिपाही सेठुराम को राजस्थान पुलिस सेवा नियमों के उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए बर्खास्त कर दिया।
फरवरी में पुलिस मुख्यालय की ओर से सिपाही से हैडकांस्टेबल के पदों पर स्क्रीनिंग पद्धति से पदोन्नति की जारी की गई सूची में फरार सेठुराम को भी शामिल कर लिया गया था। हालांकि प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने से उसे पदोन्नति नहीं दी जा सकी थी। फरार सिपाही की स्क्रीनिंग से पुलिस महकमे में निचले स्तर पर भी खलबली मची हुई थी।
अजमेर जिला पुलिस की कार्यप्रणाली शाखा (एमओबी) में तैनात सेठुराम के खिलाफ गेगल थाने में धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस सेवा में रहते हुए सेठुराम ने पुष्कर में रिसोर्ट बनाकर बेचने के बाद गगवाना के पास प्रॉपर्टी व्यवसाय में निवेश किया था। जमीन का बड़ा सौदा करने के बाद उसने बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और साथी जवानों से रकम उधार ले ली। तकादों से परेशान होकर जून 2019 में छुट्टी लेकर गया सिपाही सेठुराम वापस ड्यूटी पर नहीं लौटा।
बर्खास्त सिपाही सेठुराम के मामले से मेल खाता एक अन्य प्रकरण भी अजमेर पुलिस का ही है। इस मामले में जिला पुलिस का एक अन्य सिपाही पवन मीणा राजमार्ग पर अपने भाइयों की मदद से जमीन खरीदने, मुनाफे का झांसा देकर पुलिस के सिपाहियों के लाखों रुपए बटोर कर फरार हो गया।
उसके खिलाफ किशनगढ़ सहित अजमेर के सिविल लाइंस, क्लॉक टावर और कृष्णगंज थानों में मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि क्लॉक टावर थाना पुलिस ने उसके दो भाइयों कुलदीप और प्रदीप मीणा को गिरफ्तार किया लेकिन पवन मीणा का पुलिस अब तक पता नहीं लगा सकी है। पुलिस ने उस पर इनाम घोषित कर लुकआउट नोटिस भी जारी कर रखा है।
सिपाही सेठुराम को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इतने लम्बे समय से गैरहाजिर रहना राजस्थान पुलिस सेवा नियमों का उल्लंघन है। जो भी लम्बे समय से बिना सूचना गैरहाजिर या आपराधिक प्रकरण में फरार है उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।