अजमेर

Crisis: दावा फेल, अजमेर में नहीं मिल रहा 48 घंटे में पानी

बीसलपुर बांध भरने के बावजूद अजमेर जिले में 48 से 72 घंटे में जलापूर्ति हो रही है। जबकि जयपुर को रोजाना पानी दिया जा रहा है।

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Sep 28, 2019
agitation for water

अजमेर. जलदाय विभाग के 48 घंटे में जलापूर्ति (drinking water supply) के दावा फेल हो रहा है। शहरवासियों को 72 घंटे में भी जलापूर्ति नहीं हो रही है। इंद्रा कॉलोनी मीरशाह अली के लोगों ने कलक्ट्रेट (collectorate) पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री (CM Ashok Gehlot) के नाम ज्ञापन देकर नियमित जलापूर्ति की मांग की।

इंद्रा कॉलोनी मीरशाह अली के निवासियों ने जिला कलक्टर (Ajmer collector) को सौंपे ज्ञापन में बताया कि जलापूर्ति गड़बड़ाई हुई है। लोगों को 48 से 72 घंटे में भी पानी (drinking water) नहीं मिल रहा है। जबकि जलदाय विभाग (PHED) सभी ब्लॉक में 48 घंटे में जलापूर्ति का दावा कर रहा है।

मिल रही है कम सप्लाई
सुशीला, मीरा, कमला, संतोष, शारदा, कमोद, रामकन्या मनभर और अन्य महिलाओं ने बताया कि एक तरफ तीन-चार दिन में जल सप्लाई (water supply)की जाती है। वहीं लाइनमैन भी वॉल्व (water volve) खोलने में लापरवाही करता है। इसके चलते 15-20 मिनट ही जल सप्लाई हो पाती है। मालूम हो कि पिछले दिनों नया बाड़ा पुलिस लाइन, लोहाखान, भोपों का बाड़ा। मीठा कुआं, अनुपम नगर, लामड़ी, सर्वेश्वर नगर, जवाहर नगर क्षेत्र के लोगों ने भी जलापूर्ति (water crisis) को लेकर प्रदर्शन किया था।

दायर की है याचिका
अजमेर को 24 घंटे में जलापूर्ति को लेर वकील अल्पना शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट (supreme court of india) में याचिका (petition) दायर की है। उन्होंने याचिका मेंबताया कि बीसलपुर बांध भरने के बावजूद अजमेर जिले में 48 से 72 घंटे में जलापूर्ति हो रही है। जबकि जयपुर को रोजाना पानी दिया जा रहा है।

चीफ जस्टिस से मिलेंगी याचिककर्ता
अजमेर को 24 घंटे में जलापूर्ति (24x7 water supply) के मामले में याचिका लगाने वाली अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गंगोई (justice ranjan gogoi) से मुलाकात करेंगी। वे मामले की जल्द सुनवाई करने की प्रार्थना करेंगी।बीसलपुर परियोजना 1987-88 में पूर्णत: अजमेर जिले के लिए बनी थी। सरकार और जलदाय विभाग की लापरवाही से ना केवल योजना बल्कि इससे जलापूर्ति देने में भी विलंब हुआ। वर्ष 2005-06 में तत्कालीन भाजपा (BJP) राज में अजमेर जिले के हक की कटौती हुई। सरकार ने जयपुर और टोंक जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों को भी योजना से जोड़ दिया। तबसे अजमेर जिले में कभी 48 तो कभी 72 घंटे के अंतराल में जलापूर्ति का नियम बन गया है।

Published on:
28 Sept 2019 08:50 am
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