अजमेर

अच्छी खबर…इंजीनियरिंग कॉलेज को मिलेंगे नए प्रिंसिपल, खत्म होंगी परेशानियां

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Updated: 12 Jan 2019, 6:33 AM IST
new principals appoint soon
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अजमेर. प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज को नए प्राचार्य जल्द मिलेंगे। सरकार सभी कॉलेज से स्टाफ, आय-व्यय, संसाधन और अन्य रिपोर्ट मांग चुकी है। प्राचार्यों को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

तकनीकी शिक्षा विभाग ने बीते साल फरवरी-मार्च में अजमेर के बॉयज और महिला सहित बांसवाड़ा, झालवाड़ और अन्य कॉलेज में प्राचार्य भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। दस माह बाद भी प्राचार्यों की नियुक्तियां नहीं हुई है। साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।

मंत्रालय ने मांगी थी रिपोर्ट
तकनीकी शिक्षा मंत्रालय ने प्रदेश के बांसवाड़ा, भरतपुर, अजमेर, झालावाड़, जोधपुर, बीकानेर, बारां और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज से रिपोर्ट मांगी थी। इसके तहत कॉलेज में कार्यरत शैक्षिक और अशैक्षिक कार्मिकों का वेतनभार, एक्रिडिटेशन के लिए 80 प्रतिशत पदों की स्थिति, न्यूनतम वित्तीय भार, विद्यार्थियों की फीस से होने वाली आय, स्वायत्तशासी समिति द्वारा लगाए गए कार्मिकों की स्थिति और अन्य ब्यौरा मांगा गया।

ये हैं इंजीनियरिंग कॉलेज के हाल...
बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज में तीन साल से स्थाई प्राचार्य नहीं है। यहां राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रो. रंजन माहेश्वरी कार्यवाहक जिम्मेदार संभाल रहे हैं। इसी तरह राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अजयसिंह जेठू दिसंबर 2017 में में इस्तीफा देकर वापस एमएनआईटी लौट चुके हैं। उनकी जगह प्रो. माहेश्वरी के पास अतिरिक्त जिम्मेदारी है। वे भी इस साल फरवरी में हुए आंदोलन के बाद महिला कॉलेज से इस्तीफा सौंप चुके हैं।

विभाग जुटा चर्चा में
तकनीकी शिक्षा विभाग प्राचार्यों को लेकर चर्चा में जुटा है। इसमें एमएनआईटी, ट्रिपल आईआईटी, राजस्थान और बीकानेर तकनीकी शिक्षा विश्वविद्यालय सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों के शिक्षकों के नाम शामिल हैं। तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने प्राचार्यों के योग्य शिक्षकों के नाम, शैक्षिक योग्यता, अनुभव और अन्य सूचनाएं मंगवाई हैं। मालूम हो कि इंजीनियरिंग कॉलेज में मनमाने ढंग से नियुक्तियां, पदोन्नतियां, लाखों रुपए की खरीद-फरोख्त, महंगी कार खरीदने की शिकायतें सरकार तक पहुंचती रही हैं।

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