अजमेर

Good News: जायरीन के लिए अच्छी खबर, अजमेर में बरसों बाद मिलेगी ये सुविधा

कई साल से अटका था टॉयलेट निर्माण का मामला।दरगाह कमेटी ने शुरू कराया निर्माण कार्य।
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Updated: 6 Dec 2019, 7:15 AM IST
toilet construction
toilet construction

रक्तिम तिवारी/अजमेर. दरगाह (garib nawaz dargah) के सोलहखम्भा इलाके में टॉयलेट निर्माण कार्य आखिर शुरू हो गया। दरगाह कमेटी ने इसका विधिवत कार्य प्रारंभ कराया। खादिमों और अन्य लोगों के विरोध को देखते हुए मौके पर दरगाह थाना (dargah thana) पुलिस का जाप्ता बुलाया गया। उधर कुछ खादिमों ने निर्माण पर ऐतराज जताते हुए जिला कलक्टर और एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा।

दरगाह के सोलहखम्भा इलाके में जायरीन की सुविधार्थ 80 टॉयलेट बनाए जाने हैं। दरगाह दीवान और दरगाह कमेटी के बीच इसको लेकर एमओयू भी हुआ था। लेकिन कई खादिमों और लोगों ने इस पर विरोध जताया। यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच गया। इसी दौरान दरगाह कमेटी (dargah committee) और दरगाह दीवान के बीच टॉयलेट निर्माण को लेकर आपसी सहमति बनी। लेकिन दूसरे पक्ष के विरोध के चलते इसका मुर्हूत नहीं निकल पाया।

आखिर शुरू हुआ टॉयलेट निर्माण कार्य
दरगाह कमेटी ने सोलहखम्भा स्थित भूखंड पर टॉयलेट निर्माण (toilet construction) कार्य प्रारंभ कराया। यहां श्रमिकों ने मिट्टी की खुदाई शुरू की। खादिमों और लोगों के विरोध के मद्देनजर दरगाह थाना पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात रहा। सोलहखम्भा इलाके में 173.42 वर्ग मीटर भूखंड पर एक हॉल और ऊपरी तल पर 80 टॉयलेट बनाए जाने हैं। नगर निगम से वर्ष 2017 में दरगाह कमेटी नक्शा पारित करा चुकी है।

नीचे का हिस्सा रहेगा खाली
दरगाह कमेटी के नाजिम (nazim) शकील अहमद ने बताया कि सोलहखम्भा में निर्माणधीन भवन का निचला हिस्सा (हॉल) खाली रहेगा। दरगाह दीवान या दूसरे पक्ष के मामले में अदालत जो भी निर्णय देगी इसकी पालना करेंगे। तब तक हॉल को यथास्थिति में रखा जाएगा।

जायरीन को होगी सहूलियत
दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ने बताया कि क्षेत्र में टॉयलेट निर्माण हमारी शुरू से प्राथमिकता रही है। उर्स और रोजाना आने वाली जायरीन (facility for pilgrims)को सहूलियत होगी। मौजूदा वक्त टॉयलेट सुविधा नहीं होने से जायरीन परेशान होते हैं।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
उधर शेखजादा जुल्फिकार चिश्ती, सैयद फखर काजमी, अब्दुल नईम और अन्य ने कलक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सोलहखम्भा में टॉयलेट निर्माण को लेकर हुए दरगाह दीवान और कमेटी के बीच एमओयू हुआ था। इसके खिलाफ उच्च न्यायालय (high court) में याचिका विचाराधीन है। 10 दिसंबर को इसकी सुनवाई होनी है। इसके बावजूद कमेटी ने निर्माण कार्य शुरू कराया है, इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।

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