30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
बोले बच्चे…कश्मीर है जन्नत तो अजमेर सूफियत का गुलदस्ता
Play video

बोले बच्चे…कश्मीर है जन्नत तो अजमेर सूफियत का गुलदस्ता

कुपवाड़ा से आया 20 बच्चों का दल। गरीब नवाज की दरगाह में दी हाजिरी।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 5 Dec 2019, 4:03 PM IST

रक्तिम तिवारी/अजमेर. जम्मू-कश्मीर (jammu and kashmir) के स्कूल बच्चों ने गुरुवार को सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हाजिरी दी। कुपवाड़ा (kupwara) जिले के स्कूली बच्चों ने गरीब नवाज की दरगाह की इमारतों, विभिन्न रसूमात और सूफियत (sufizm) के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मजार शरीफ पर मखमली और गुलाब के फूलों की चादर पेश कर दुआ मांगी।

Read More: पुष्कर में अब विदेशी पर्यटक कर रहे निश्चेतक का नशे में इस्तेमाल!

सेना की चिनार कॉप्र्स के हमदर्द ए कुपवाड़ा (humdard e kupwara) अभियान के तहत शिक्षकों और 20 स्कूली बच्चों का दल राजस्थान सहित अन्य राज्यों के भ्रमण पर निकला है। गुरुवार को विद्यार्थियों का दल गरीब नवाज की दरगाह (garib nawaz dargah) पहुंचा।

Read More: आरएसएस से जुड़े सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी

Read More: ‘ सांसद का पीए बोल रहा हूं, शराब से भरा ट्रक छोड़ दो ‘

विद्यार्थियों ने सूफी संत की मजार शरीफ पर चादर पेश की। उन्होंने अकबरी मस्जिद, शाहजहांनी मस्जिद, क्वीन मेरी हौज, महफिल खाना, मुगलकालीन देग, कव्वाली परम्परा (traditions) सहित अन्य के बारे में जानकारी ली।

Read More: Encroachment News: नहीं चली मनमर्जी, अवैध अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी

ताकि बच्चे जानें भारत को…
शिक्षकों ने बताया कि हमदर्द ए कुपवाड़ा अभियान का उ²ेश्य बच्चों को देश के विभिन्न प्रांतों की भाषा, संस्कृति (culture), खान-पान (food) और धार्मिक स्थानों (religious place) से रूबरू कराना है। गरीब नवाज की दरगाह देश-दुनिया में मशहूर है।

Read More: अजयमेरु पैक्स-2019: गांधीभवन पर विशेष आवरण जारी, प्रदर्शनी का आयोजन

बच्चों ने इसकी जियारत की है। बच्चों ने बताया कि वे चाहते हैं, कि राजस्थान और अन्य प्रांतों के विद्यार्थी भी कश्मीर (kashmir) आकर वहां की संस्कृति, भाषा और खान-पान को समझें। यह अभियान दस दिवसीय है। विद्यार्थी कुपवाड़ा के विभिन्न स्कूल में अध्ययनरत हैं।

Read More: Protests: हैदराबाद और टोंक में हुई बलात्कार की घटनाओं के विरोध में छात्राओं ने यूँ दिखाया गुस्सा , देखें वीडियो