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पुष्कर में अब विदेशी पर्यटक कर रहे निश्चेतक का नशे में इस्तेमाल!

कचरे के ढेर में मिले जनरल एनेस्थीसिया के इंजेक्शन, शल्य चिकित्सा में होता है उपयोग, बिना चिकित्सक के नहीं बेचा जा सकता
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अजमेर

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Baljeet Singh

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Updated: 5 Dec 2019, 5:01 AM IST

पुष्कर में अब विदेशी पर्यटक कर रहे निश्चेतक का नशे में इस्तेमाल!

पुष्कर के पंचकुंड रोड पर कचरे में फेंकी गई केटामाइन इंजेक्शन की खाली शीशियां।

पुष्कर (अजमेर). तीर्थनगरी में मादक पदार्थों का नशा करने वाले विदेशी पर्यटकों ने लगता है अब रोगियों की शल्य चिकित्सा के दौरान बेहोश (निश्चेतक) करने के लिए लगाए जाने वाले इंजेक्शन को नशे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। बुधवार को पुष्कर के पंचकुंड रोड पर कचरे के ढेर में केटामाइन इंजेक्शन (जनरल एनेस्थीसिया) की सैकड़ों खाली शीशियों के ढेर से इस संदेह को बल मिल रहा है। जिस स्थान पर इंजेक्शन की खाली शीशियां मिली हैं वहां आस-पास होटल और गेस्ट हाउस हैं जहां विदेशी पर्यटक ठहरते हैं। नशे के आदी विदेशी पर्यटक केटामाइन का इंजेक्शन लगाकरघंटों तक नशे की आगोश में बेसुध पड़े रहते हैं। जबकि चिकित्सकों के अनुसार बिना चिकित्सक की अनुमति के मेडिकल स्टोर पर यह इंजेक्शन खुले रूप से नहीं बेचे जा सकते।

पुलिस निष्क्रिय, तस्कर सक्रिय

पुष्कर में पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते नशे का कारोबार फल फूल रहा है। पिछले वर्षों में नशे का एक भी बड़ा कारोबारी नशे की खेप के साथ नहीं पकड़ा जा सका है। इसका मतलब यह नहीं है कि तीर्थनगरी में नशे का कारोबार बंद हो चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब यह कारोबार रात दस बजे बाद रेस्टोरेन्ट्स में होने वाली पार्टियों में खुलकर होता है। पुलिस छोटे-मोटे नशेडिय़ों को पकडक़र एनडीपीएस एक्ट के मुकदमों की खानापूर्ति कर लेती है। तीर्थराज में बढ़ते नशे के कारोबार पर कस्बेवासियों ने रोष व्यक्त करते हुए मामले की जांच की मांग की है।

इनका कहना है

केटामाइन इंजेक्शन रोगियों के ऑपरेशन करने के दौरान बेहोश करने के लिए लगाए जाते हैं। इससे रोगी लम्बे समय तक अचेत रहता है। ये इंजेक्शन मेडिकल स्टोर पर चिकित्सक की अनुमति से ही बेचे जा सकते है खुले रूप से नहीं।
- डॉ.आर.के. गुप्ता, प्रभारी पुष्कर चिकित्सालय