इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज में नए पाठ्यक्रम लागू हो जाएंगे। दक्षता बढ़ेगी और औद्योगिक-वाणिज्यिक संस्थानों को भी प्लेसमेंट में आसानी होगी।
विद्यार्थियों को त्वरित रोजगार (jobs) और शैक्षिक उन्नयन (education) के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों (technical institutes) के कोर्स औद्योगिक मांग एवं कौशल आधारित बनेंगे। 2020 में इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज में नए पाठ्यक्रम लागू हो जाएंगे। यह बात तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग (Dr. subash garg) ने अजमेर में कही।
डॉ. गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुखी (job oriented course) कोर्स जरूरी हैं। इसके लिए औद्योगिक इकाईयों, वाणिज्य-व्यापारिक संस्थानों से बातचीत जारी है। अब इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज के कोर्स औद्योगिक (industrial demand) और कौशल आधारित बनेंगे। इससे विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ेगी और औद्योगिक (industry)-वाणिज्यिक (commercial) संस्थानों को भी प्लेसमेंट में आसानी होगी।
आईआईटी में कहां है राजकीय शब्द
इंजीनियरिंग कॉलेज से राजकीय (government) शब्द हटाने के सवाल पर डॉ. गर्ग ने कहा कि आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईआईटी, एनआईटी जैसे संस्थानों में भी ‘राजकीय’ शब्द नहीं है। सहकारी संस्थाएं भी स्वायत्तशासी (autonomous) हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज सोसायटी के तहत संचालित हैं। राजकीय शब्द हटाने या लगाने से किसी डिग्री (degree), डिप्लोमा (diploma) अथवा संस्था के स्तर पर फर्क नहीं पड़ेगा।
ना बैठक ना कामकाज
तकनीकी संस्थानों में सुस्त कामकाज के सवाल पर उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस (CEG) में बीते पांच साल काम ठप रहा। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (BOG) की बैठक भी नियमित नहीं हुई। मैंने मंत्रालय संभालने के बाद पांच बैठक की हैं। इस साल विद्यार्थियों के प्लेसमेंट (placement) और संस्थानों में प्रवेश बढ़े हैं। इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज में शिक्षकों के पद (teaching post) भरे जाएंगे। आरपीएससी को हम जल्द अभ्यर्थना भेजेंगे। तकनीकी संस्थाओं (technical institute) में विद्यार्थी स्नातक-स्नातकोत्तर पढ़ाई के अलावा दक्षता हासिल कर यही सरकार का लक्ष्य है।
जल्द मिलेगा बोर्ड अध्यक्ष
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में एक साल से अध्यक्ष (RBSE Chairaman)पद रिक्त होने के सवाल पर डॉ. गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok gehlot) इससे वाकिफ हैं। सरकार आगामी एक महीने में नया बोर्ड अध्यक्ष नियुक्त करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच साल में पाठ्यक्रम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया। बोर्ड के जयपुर में बने भवन की सुध भी नहीं ली।