अजमेर

Rajasthan: मेवाड़ यूनिवर्सिटी का पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर गिरफ्तार, फर्जी डिग्री मामले में अब तक 15 आरोपी दबोचे गए

Mewar University: राजस्थान लोक सेवा आयोग की हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री मामले में एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के पूर्व डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर सुशील कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर किया।
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Updated: 21 Jul 2026, 2:07 PM IST
Mewar University Fake Degree Case
Mewar University (Patrika File Photo)

Mewar University Fake Degree Case: अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की स्कूल व्याख्याता (हिंदी) भर्ती परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने के बहुचर्चित मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक (डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर) सुशील कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी आरोपी सुशील कुमार शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका अदालत से खारिज हो चुकी थी। इसके बाद न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए आरोपी ने सोमवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

आरोपी के समर्पण की सूचना मिलते ही अपर लोक अभियोजक शशि प्रकाश इन्दोरिया ने जांच अधिकारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर विश्नोई को सूचित किया। इसके बाद एसओजी टीम ने तुरंत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर गहन अनुसंधान की आवश्यकता बताई और सुशील कुमार शर्मा को अदालत परिसर से हिरासत में लेकर औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी डिग्री रैकेट का इस तरह हुआ था भंडाफोड़

यह पूरा मामला 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित आरपीएससी हिंदी स्कूल लेक्चरर परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थी ब्रह्माकुमारी (निवासी भूतेल, सांचौर) और कमला कुमारी (निवासी वाडा भावड़ी, सांचौर) जब 31 जुलाई से 14 अगस्त 2023 के दौरान दस्तावेज सत्यापन के लिए पहुंचीं, तो आयोग को उनके द्वारा प्रस्तुत मेवाड़ यूनिवर्सिटी की एम.ए. की डिग्रियों पर संदेह हुआ।

जांच में दोनों डिग्रियां पूरी तरह फर्जी पाई गईं। इसके बाद आरपीएससी के वरिष्ठ उप सचिव अजय सिंह चौहान की शिकायत पर अजमेर के सिविल लाइंस थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया, जिसकी जांच बाद में राज्य पुलिस की स्पेशल विंग SOG को सौंप दी गई।

अब तक 15 आरोपी सलाखों के पीछे

एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के कुछ पूर्व अधिकारियों और बिचौलियों ने साठगांठ कर अभ्यर्थियों को बैकडेट में फर्जी डिग्रियां और अंकतालिकाएं उपलब्ध कराई थीं। सुशील कुमार शर्मा की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे फर्जी डिग्री नेटवर्क में अब तक कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों और फर्जी डिग्री हासिल करने वाले अन्य अभ्यर्थियों के नामों का भी खुलासा होने की संभावना है।

Updated on:
21 Jul 2026, 2:07 PM IST
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