अजमेर

Rajasthan: सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ‘ऑनलाइन एंटीक मार्केट’, घर में मिले स्टॉक को देखकर पुलिस भी हैरान

smuggling racket busted in Ajmer: अजमेर। शहर में वन्यजीवों के अवशेष व एंटीक वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने हाथीभाटा क्षेत्र में एक मकान से हाथी दांत, राजा-महाराजाओं की पौराणिक पेंटिंग, सोने-चांदी के सिक्के, प्राचीन मूर्तियां, तलवारें सहित बड़ी संख्या में दुर्लभ वस्तुएं बरामद की हैं।
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Dec 19, 2025
अजमेर में एंटीक वस्तुएं और हथियारों का जखीरा जब्त, पत्रिका फोटो
अजमेर में एंटीक वस्तुएं और हथियारों का जखीरा जब्त, पत्रिका फोटो

Online network for antique smuggling busted: अजमेर। शहर में वन्यजीवों के अवशेष व एंटीक वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला स्पेशल टीम ने हाथीभाटा क्षेत्र में एक मकान पर दबिश दी। कार्रवाई में पुलिस टीम ने हाथी दांत, राजा-महाराजाओं की पौराणिक पेंटिंग, सोने-चांदी के सिक्के, प्राचीन मूर्तियां, तलवारें सहित बड़ी संख्या में दुर्लभ वस्तुएं बरामद की हैं। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एंटीक उत्पाद व वन्यजीवों के अवशेष ऑनलाइन बेचने का काम करता है। पुलिस व पुरातत्व विभाग की संयुक्त टीम बरामद वस्तुओं की पड़ताल में जुटी है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार तड़के आईपीएस अजेयसिंह राठौड़ के नेतृत्व में डीएसटी ने हाथीभाटा निवासी गिरीराज सोनी के मकान पर दबिश दी। तलाशी में ऐतिहासिक व प्रतिबंधित सामान मिला। जिनकी अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। यहां बरामद की गई वस्तुओं में हाथी दांत के टुकड़े, शिल्पकारी वाली मूर्तियां, प्राचीन हथियार व राजसी काल के सिक्के, वन्यजीवों के अवशेष भी शामिल हैं, जो कि प्रथमदृष्टया पुरातात्विक महत्व और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में प्रतिबंधित है।

यहां क्या-क्या मिला

पुलिस कार्रवाई में प्राचीन पेंटिंग, एक पांडुलिपी (भगवान बुद्ध की), 2 ऐतिहासिक कटार, एक जैन मूर्ति, 25 मुद्रा (इन्दौर शासक), एक शील्ड बरामद की। 2 सींग(बारहसिंघा), हाथीदांत और वन्यजीव के दो नाखून मिले। पुलिस ने 4 धारदार हथियार बरामद किए। इनमें एक ब्रिटिशकालीन तलवार व तीन अन्य पुरातात्विक धारदार हथियार बरामद किए।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बिक्री

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरीराज वन्यजीवों के सींग, दांत व नाखून और पौराणिक वस्तुओं को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बेचने का काम करता था। पुलिस वन्यजीवों के अवशेष और एंटीक उत्पाद कहां से लेकर आने और किसी अपराध से जुडे होने के तथ्यों की भी पड़ताल में जुटी है।

पहले भी पकड़े जा चुके हैं तस्कर

अजमेर शहर में वन्यजीवों के अवशेष की बिक्री के पहले भी मामले सामने आ चुके हैं। वन विभाग ने हाथी दांत तस्करी और बिक्री का खुलासा किया था। पूर्व मामलों में भी तस्कर अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े पाए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गिरीराज सोनी के तार भी संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।

इनका कहना है…

सोशल मीडिया पर एंटीक वस्तुएं व वन्यजीवों के अवशेष बेचने की सूचना मिली थी। सूचना पर सर्च वारंट लेकर हाथीभाटी निवासी गिरीराज सोनी के मकान की तलाशी ली गई। जहां बड़ी संख्या में प्रतिबंधित सामान मिला है। जिसकी जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रकरण में अनुसंधान किया जा रहा है।
डा. अजेय सिंह राठौड़, सहायक पुलिस अधीक्षक(आईपीएस) किशनगढ़ शहर

  • पुलिस कार्रवाई में मिले वन्यजीवों के अवशेषों के संबंध में राय मांगी गई थी। प्रकरण को मजबूत बनाने के लिए अवशेष की फोरेंसिक जांच करवाने को लिखा है। पी. बाला मुरगन, उप वन संरक्षक अजमेर
Updated on:
19 Dec 2025 10:55 am
Published on:
19 Dec 2025 10:55 am