
Ajmer Railway Station Re-Development Work: अजमेर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का काम जल्द शुरू होगा। पहले चरण में स्टेशन की आधी बिल्डिंग (करीब 80 मीटर) को तोड़कर नए सिरे से 3 मंजिला भवन बनाया जाएगा। इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मल्टीप्लेक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट की योजना तत्कालीन डीआरएम राजीव धनखड़ और आलोक अग्रवाल के कार्यकाल में तैयार हुई थी। रेलवे बोर्ड इसके लिए 280 करोड़ स्वीकृत कर चुका है। इसमें से करीब 155 करोड़ का बजट जारी हुआ है।
केंद्र सरकार ने अजमेर रेलवे स्टेशन पर बहुमंजिला इमारतें बनाने सहित यात्री सुविधाओं पर 500 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया था। फरवरी 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया। लेकिन कई माह तक काम शुरू नहीं हो पाया। अब बजट जारी होने के बाद परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में पुराने भवन के एक हिस्से को हटाकर नए निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा ताकि यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो और स्टेशन का संचालन भी सुचारु रूप से जारी रह सके।
अजमेर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट के तहत मौजूदा रेलवे स्टेशन भवन के स्थान पर नया दस मंजिला भवन बनेगा। इसमें करीब 3000 वर्गफीट क्षेत्रफल में एयर कॉन्कोर्स (रूफ प्लाजा) बनाया जाना है। इसमें हवाई अड्डे की तर्ज पर कई मंजिलों में व्यावसायिक क्षेत्र विकसित होंगे। इनमें आधुनिक कैफे, रेस्टोरेंट, मॉल सहित दुकानें आदि बनाई जाएंगी। बहुमंजिला कार पार्किंग होगी। इसके अलावा यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक टिकटिंग सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। स्टेशन परिसर को आधुनिक डिजाइन के साथ इस तरह तैयार किया जाएगा कि यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का अनुभव मिल सके।
रेलवे स्टेशन पर फैसिलिटेटिंग एरिया कम है। गांधी भवन चौराहे पर पार्किंग के लिए परेशानी होती है। फर्स्ट क्लास गेट के बाहर वाली पार्किंग भरी रहने से रेलवे स्टेशन पर फैसिलिटेटिंग एरिया कम है। गांधी भवन चौराहे पर पार्किंग के लिए परेशानी होती है। फर्स्ट क्लास गेट के बाहर वाली पार्किंग भरी रहने से आमजन को दिक्कतें होती हैं। री-डेवलपमेंट के बाद पार्किंग क्षमता बढ़ाई जाएगी जिससे निजी वाहनों, टैक्सी और ऑटो चालकों को भी पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। इससे स्टेशन के बाहर लगने वाले जाम में कमी आएगी और यात्रियों को आने-जाने में अधिक सुविधा मिलेगी।को दिक्कतें होती हैं।