अजमेर

Seminar: भारत, नेपाल और ब्रिटेन के विद्वान करेंगे गांधी दर्शन पर चर्चा

स्वराज्य, स्वदेशी आंदोलन , सामाजिक संरक्षण और ग्रामीण विकास सहित विषयों पर चर्चा होगी।
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Updated: 17 Sep 2019, 5:05 PM IST
Seminar on Mahatma Gandhi
Seminar on Mahatma Gandhi

अजमेर.

सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (spc-gca) में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में बुधवार से अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (International seminar) प्रारंभ होगी। इसमें भारत (india) सहित नेपाल (Nepal), ब्रिटेन (Britain) और विभिन्न देशों के विद्वान (Scholar) गांधी सनातन सत्य विषय पर विचार-विमर्श करेंगे।

प्राचार्य डॉ. एम. एल. अग्रवाल ने बताया कि गांधी-सनातन सत्य विषयक संगोष्ठी का शुभारंभ बुधवार सुबह 10 बजे तकनीकी, चिकित्सा और संस्कृत शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग (Dr. subhash garg) करेंगे। विशिष्ट अतिथि राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc ajmer) के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बी. एम. शर्मा करेंगे।

इस दौरान महात्मा गांधी (Mahatma gandhi) के जीवन दर्शन की वर्तमान में प्रासंगिता, सामाजिक दर्शन, धर्म, समाज, दलित चेतना, महिला एवं युवा शक्ति (womenas and youth) , गांधी दर्शन में अहिंसा, सामाजिक समरसता, गांधी (gandhi )और स्वराज्य, स्वदेशी आंदोलन (agitation) , सामाजिक संरक्षण और ग्रामीण विकास (rural development) सहित विषयों पर चर्चा होगी। दो दिवसीय संगोष्ठी का समापन गुरुवार को होगा।

सलाहकार मंडल में एस. एन. सुब्बाराव, जनार्दन सिंह शेखावत, राजेंद्र बोहरा, डॉ. एन.के. व्यास, डॉ. ईआरजे ऑबर्ट, डॉ. दीपक मेहरा और अन्य शामिल किए गए हैं।

इन विषयों पर प्रस्तुत होंगे शोध पत्र (research paper)

-राष्ट्रपिता के रूप में महात्मा गांधी की भूमिका

-युवा शक्ति और गांधी

-महात्मा गांधी और स्वराज्य

-गांधीवाद एवं महिला सशक्तिकरण

-गांधी दर्शन में अहिंसा का महत्व

-पंचायतीराज एवं गांधीवादी विचारधारा

-राज्सथानी साहित्य में गांधी का वर्णन

-भारत के आर्थिक विकास में गांधी दर्शन

Updated on:
17 Sep 2019, 5:05 PM IST
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