अजमेर

Shiv Pujan: धूमधाम से निकली कावड़ यात्रा, मंत्रोच्चार से सहस्रधारा

16 अगस्त से भाद्रपद (Bhadrapad month) महीने की शुरुआत होगी। मान्यता के अनुसार भाद्रपद माह को मेलों का महीना (local fair) भी कहा जाता है।

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Aug 13, 2019
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अजमेर. शहर के शिवालय (shiva temples) बोल बम के जयकारे जारी हैं। मंगलवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में गाजे-बाजे के साथ कावड़ यात्रा (kawad yatra) निकाली जा रही हैं। मंदिरों में मंत्रोच्चार (vedik shloka) से रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन जारी है।

शहर के वैशाली नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर, झरनेश्वर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, शांतिपुरा, मदार गेट, रामगंज, केसरगंज, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़, आगरा गेट और अन्य शिवालयों में लोग सुबह से बिल्व पत्र, पुष्प (flowers), हल्दी (turmeric)-चंदन (sandal), दूब (grass), दूध (milk) और अन्य सामग्री से पूजा-अर्चना करने में जुटे हैं। कई जगह मंत्रोच्चार और रुद्रिपाठ के साथ जलाभिषेक, रुद्राभिषेक भी हो रहा है। इसके अलावा कई महिलाओं और पुरुषों ने सावन में व्रत-उपवास (FAST) रखा है। मंदिरों में भागवन शिव (lord shiva), पार्वती (parvati), गणेश (ganesha), कार्तिकेय (kartikeya) और नंदी (Nandi) का श्रंगार (decoration) किया जा रहा है।

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कावड़ यात्रा का स्वागत

अलसुबह 4 बजे से कावड़ यात्रा (kawad yatra) का दौर शुरू होगया। कावडि़ए गाजे-बाजे (music) के साथ पुष्कर सरोवर (pushkar lake) और अन्य जलाशयों (water bodies)से जल लेकर निकले। उन्होंने विभिन्न शिवालयों में अभिषेक किया। कावड़ यात्रा का शहरवासियों ने जगह-जगह गुलाब के फूल (rose petals) बरसा कर स्वागत किया।

राखी तक चलेगा सावन
परम्परानुसार सावन का चौथा वन सोमवार (special monday) 12 अगस्त को मनाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाओं-बालिकाओं ने सुभाष उद्यान अथवा अन्य स्थानों पर जाकर भोजन किया। सावन माह में अब 15 अगस्त को रक्षा बंधन (raksha bandhan) पर्व मनाया जाएगा। 16 अगस्त से भाद्रपद माह की शुरुआत होगी।

भाद्रपद यानि मेलों का महीना

16 अगस्त से भाद्रपद (Bhadrapad month) महीने की शुरुआत होगी। मान्यता के अनुसार भाद्रपद माह को मेलों का महीना (local fair) भी कहा जाता है। इस दौरान राजस्थान (rajasthan) सहित अन्य राज्यों में लोक देवताओं के मेलों का आयोजन होता है। इनमें सबसे अहम रामदेवरा (ram devra) का बाबा रामदेव का मेला है। भाद्रपद महीने की शुरुआत होते ही रुणिचा धाम जाने वाले जातरुओं की टोलियां रवाना होगी। जगह-जगह भंडारे लगाए जाएंगे। इसके अलावा लोक देवता तेजाजी (Tejaji) का मेला भरता है। लोग गांव, शहर और ढाणियों में तेजाजी के थान पर खीर, चूरमा, पुए-पकोड़े और नारियल का भोग लगाएंगे। इसके अलावा महिलाएं (womens) सातुड़ी तीज का व्रत रखेंगी। इस दौरान गौ-वत्स द्वादशा यानि बछबारस भी आएगी।

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Published on:
13 Aug 2019 07:14 am
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