नाम वापसी के बाद असली तस्वीर सामने आएगी। अलबत्ता कहीं आमने-सामने तो कहीं त्रिकोणीय-चतुष्कोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है।
अजमेर. छात्रसंघ चुनाव (chatr sangh chunav)के नामांकन (nomination) में इस बार भी बागियों ने जबरदस्त ताल ठोकी। एनएसयूआई (nsui) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) के साथ जुड़े कई छात्र-छात्राओं ने टिकट कटने पर बगावत ( students revolt)कर दी। नाम वापसी के बाद असली तस्वीर सामने आएगी। अलबत्ता कहीं आमने-सामने तो कहीं त्रिकोणीय-चतुष्कोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है।
निर्दलीय उतरे मैदान में
लॉ कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) से टिकट की आस लगाए रामकिशोर जाजड़ा ने अध्यक्ष पद पर निर्दलीय (independent candidate) पर्चा भरा। इसी तरह फैजल खान ने उपाध्यक्ष, कुलदीप कोठारी ने महासचिव और अनिल गुर्जर ने संयुक्त सचिव पद पर पर्चा भरा। यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मौजूदा छात्र कार्यकारिणी (students union) में शुरुआत से अंदरूनी मतभेद बने हुए हैं। नामांकन के दौरान प्रत्याशियों के रूप में विरोध (diffrences) खुलकर सामने आ गया।
छात्राएं भी पीछे नहीं
राजकीय कन्या महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद के टिकट नहीं देने से कई छात्राएं (college girls) नाराज हो गई। कई छात्राओं ने निर्दलीय (independent) ताल ठोक दी। यहां मौजूदा छात्रसंघ अध्यक्ष स्वस्ति आर्य और उनके समर्थकों (supporters) ने भी पिछले साल विद्यार्थी परिषद के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ा था। साथ ही उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव पद पर निर्दलीय प्रत्याशी उतारे थे।
जीसीए में जबरदस्त नाराजगी
8 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों वाले सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (spc-gca) में सबसे ज्यादा नाराजगी दिखी। यहां बागी (revolters)-निर्दलीय (independent) प्रत्याशियों ने दोनों ही छात्र संगठनों (students unions)आरोप-प्रत्यारोप लगाए। यहां एनएसयूआई के टिकट काटने पर अकबर काठात ने अध्यक्ष (president), उपाध्यक्ष (vice president) और महासचिव (general seceratary) पद पर पर्चे भरे। मोहम्मद कैफ ने उपाध्यक्ष और अन्य छात्रों ने पर्चे भरे। जीसीए में पिछले साल भी लोकेश खिडिय़ा ने खुद को एनएसयूआई और शयंक यादव ने भी खुद को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रत्याशी बताकर नामांकन किया था। मौजूदा अध्यक्ष अब्दुल फरहान खान और उनके समर्थकों ने भी निर्दलीय पर्चा भरा था।
दयानंद कॉलेज में भी बगावत
बगावत से दयानंद कॉलेज (dayanand college) भी अछूता नहीं रहा। यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से टिकट नहीं मिलने पर सीताराम चौधरी, रामेश्वर, विष्णु, हरिराम, प्रमोद सिंह और अन्य ताल ठोकी है। इनके साथ पिंकू, शौकीन ने भी नामांकन दाखिल कर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है।
अब साफ होगी तस्वीर
नामांकन के बाद कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने परस्पर आपत्तियां (grievances) दी। इनमें थाने में दर्ज मुकदमे (police case), परीक्षा में बैक (back papers) आने, सम्पत्ति विरुपण अधिनियम में मुकदमा और अन्य शिकायतें शामिल हैं। अनुशासन समिति, विधि परामर्शी और निर्वाचन मंडल ने इनकी जांच की। अब 23 अगस्त को सुबह 10 बजे नामांकन सूची जारी होगी। इसी दिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक प्रत्याशी वापस नाम (names) ले सकेंगे। अंतिम नामांकन (final candidadtes list) सूची दोपहर 2 से शाम 5 बजे जारी होगी। इसके बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।