Anil Agarwal Son Agnivesh Agarwal Death : वेदांता समूह चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का 49 वर्ष की उम्र में न्यूयॉर्क में निधन हो गया।
अजमेर। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का न्यूयॉर्क में 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। स्कीइंग के दौरान हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज जारी था, लेकिन इसी दौरान कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई।
वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल के पुत्र एवं हिंदुस्तान जिंक के अध्यक्ष रहे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि उनके निधन की खबर से वह स्तब्ध है और उनका असमय चले जाना अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि इस दुखद घड़ी में अनिल अग्रवाल और समस्त परिजनों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने का धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उनके आकस्मिक निधन का समाचार सुनकर मन अत्यंत व्यथित है। गहलोत ने कहा कि मात्र 49 वर्ष की आयु में उनका जाना अत्यंत दुखद है।
राजस्थान में उद्योग को बढ़ावा देने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। इस कठिन समय में उनकी गहरी संवेदनाएं अनिल अग्रवाल और पूरे परिवार के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अग्निवेश के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर अत्यंत भावुक संदेश साझा किया। अपने पोस्ट में उन्होंने बेटे के बड़े सपनों और समाज के प्रति उसकी सोच का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अग्निवेश की इच्छा थी कि कोई बच्चा भूखा न रहे, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनें और युवाओं के पास आजीविका के अवसर हों। अनिल अग्रवाल ने इस मौके पर फिर दोहराया कि वह अपनी कमाई का 75 प्रतिशत समाज की भलाई पर खर्च करने का संकल्प निभाएंगे।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि आज उनके जीवन का सबसे दुखद दिन है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अग्निवेश सिर्फ 49 साल का था, पूरी तरह स्वस्थ था और जीवन तथा सपनों से भरा हुआ था।
अमरीका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहा था। परिवार और डॉक्टरों को उम्मीद थी कि खतरा टल गया है, लेकिन अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने उसकी जान ले ली।
अनिल अग्रवाल ने यह भी बताया कि अग्निवेश खेलों में रुचि रखने वाला, संगीत से जुड़ा हुआ और नेतृत्व गुणों से भरपूर था। वह मेयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ा और आगे चलकर फुजैराह गोल्ड की स्थापना की। साथ ही वह हिंदुस्तान जिंक का चेयरमैन बना और पेशेवर क्षेत्र में सम्मान प्राप्त किया।
उपलब्धियों के बावजूद वह सरल, मिलनसार और संवेदनशील व्यक्ति बना रहा। पिता के अनुसार अग्निवेश केवल बेटा ही नहीं, बल्कि दोस्त और गर्व का कारण था। आपको बता दें कि अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। शुरुआती शिक्षा उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से प्राप्त की थी।
अग्निवेश अग्रवाल व्यावसायिक क्षेत्र में सक्रिय रहे और विभिन्न कंपनियों में निदेशक पद संभाला। इनमें तेंगपानी टी कंपनी लिमिटेड, ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड, स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, स्टरलाइट इन्फ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, स्टरलाइट आयरन एंड स्टील कंपनी लिमिटेड और प्राइमेक्स हेल्थकेयर एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाएं शामिल हैं।
अनिल अग्रवाल ने अपने व्यवसायिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक के मध्य में मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग से की थी। अनिल अग्रवाल ने अपने व्यवसायिक जीवन की शुरुआत 1970 के दशक के मध्य में मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग से की थी।