
अजमेर.
मौसम में बदलाव का दौर बना हुआ है। मंगलवार सुबह हवा चलने से मौसम में ठंडक रही। आसमान में बादल भी मंडराते दिखे। उधर जिले के अधिकांश तालाब और बांध खाली पड़े हैं। लोगों को झमाझम बरसात का इंतजार है। समय रहते बारिश नहीं हुई तो जुलाई से जबरदस्त परेशानी बढ़ेगी।
वायु चक्रवात के असर से दो-तीन से मौसम में बदलाव कायम है। मंगलवार अलसुबह से तेज हवा चली। छिटपुट बादलों के छितराने पर सूरज ने तांक-झांक की। हालांकि पिछले चार-पांच दिन से लोगों को तीखी धूप, तपन और लू के थपेड़ों से राहत मिली है।
पारा 40 डिग्री से नीचे
पारा पिछली 25 मई से 12 जून तक 40 से 46.3 डिग्री के बीच ही घूम रहा था। वायु चक्रवात के असर से बादल छाने, टपका-टपकी और हवा चलने से पारे के मिजाज ढीले हुए। इसके चलते यह पिछले चार दिन से 40 डिग्री के नीचे चल रहा है। हालांकि धूप में तेजी और गर्मी का असर कायम है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के मुंबई तक जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद यह 10 से 16 जुलाई तक गुजरात होता हुआ राजस्थान में सक्रिय होगा।