
अजमेर। जिले के मांगलियावास थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ कथित तौर पर अंधविश्वास के नाम पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। युवती को घर से बहाने से मंदिर ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई और गर्म लोहे से सिर, हाथ व पैरों सहित शरीर के कई हिस्सों पर दाग दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नामजद अन्य महिला आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 4 जुलाई को वह खेत में घास लेने गई हुई थीं। घर पर उनकी बेटी और कुछ अन्य बच्चियां अकेली थीं। इसी दौरान गांव के कुछ लोग घर पहुंचे और युवती को किसी बहाने से मंदिर ले गए। वहां उसके साथ मारपीट की गई, गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोप है कि इस दौरान एक आरोपी ने लोहे की सरिया गर्म कर युवती के शरीर पर कई जगह दाग दिया।
परिजनों का आरोप है कि युवती को करीब ढाई घंटे तक प्रताड़ित किया गया। उसके सिर, हाथ और पैरों पर गर्म लोहे से कई निशान बनाए गए। जब युवती की हालत गंभीर हो गई तो उसकी मां को फोन कर आरोपियों ने कहा- 'ले जाओ खेल खत्म हो गया।' मौके पर पहुंचने पर युवती अचेत अवस्था में मिली, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मांगलियावास थाना प्रभारी हरीश चौधरी के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। एएसआई हुकुम सिंह, बाबूलाल और अन्य पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करते हुए मायापुर निवासी दिलीप उर्फ महेंद्र (29) और सूरज उर्फ सुखपाल (21) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाकर उसका उपचार शुरू करा दिया है। मामले में नामजद अन्य पांच महिला आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जांच में मामला अंधविश्वास से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।