
अलीगढ़। दुनियाभर में प्रसिद्ध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMUध छात्र मुनान बशीर वानी आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। इसका कारण यह है कि एके 47 राइफल के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वानी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एप्लाइड जियोलॉजी (Applied Geology) में पीएचडी कर रहा था। बताया गया है उसने कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय छोड़ दिया था। अब उसका अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से कोई नाता नहीं है।
कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है
शोधछात्र मुनान बशीर वानी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पीएचडी में दाखिला लिया था। पिछले साल गृह नगर उत्तर कश्मीर में आई बाढ़ के बाद जीआईएस तकनीक और रिमोट सेंसिंग को लेकर अपनी रिपोर्ट समिट की थी, जिसके लिए उसे पुरस्कृत भी किया गया था। मुनान बशीर वानी जम्मू एंड कश्मीर का रहने वाला है। वह दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब गांव का निवासी है। यह घटना उस वक्त हुई है, जब केन्द्र सरकार कश्मीरी युवाओं को मुख्य धारा में वापस लाने का भरपूर प्रयास कर रही है।
विश्वास नहीं हो रहा
बड़ी बात यह है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वैसे अधिकांश लोग शोधछात्र मुनान बशीर वानी को जानते ही नहीं हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हजारों छात्र अध्ययनरत हैं। चूंकि वह विश्वविद्यालय छोड़ चुका है, इसलिए छात्रों को भी पता नहीं है कि वह कहां है और क्या कर रहा है? किसी को यह विश्वास नहीं हो रहा है कि शोधछात्र मुनान बशीर वानी इस तरह की हरकत कर सकता है।
फुटबॉल खिलाड़ी भी शामिल हुआ था
यहां यह बताना जरूरी है कि अक्टूबर, 2017 में फुटबॉल प्लेयर माजिद इरशाद खान भी आतंकवादी बन गया था। वह 20 साल का है। बताया गया कि माजिद इरशाद खान ने अपने दोस्त यावर निसार शेरगुजरी के अंतिम संस्कार में भाग लिया और आतंकवादी संगठ में शामिल हो गया। शेरगुजरी भी आतंकवादी था। वह मुठभेड़ में मारा गया था।