
अलवर: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। खाद्य वस्तुओं के भाव में लगातार तेजी का दौर जारी है। बीते 15 दिनों में सरसों और चने के भाव में करीब 300 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल आया है। मंडियों में सरसों के भाव 8 हजार 150 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जबकि गेहूं 2 हजार 700 और चना 5 हजार 800 रुपए प्रति क्विंटल के पार निकल गया है।
खाद्य तेलों में तेजी का सबसे ज्यादा असर सरसों तेल पर दिखाई दे रहा है। बाजार में सरसों तेल के भाव में 7 से 10 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्तमान में सरसों तेल करीब 185 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है।
व्यापारियों के अनुसार सरसों की उपलब्धता कम होने, पुराने स्टॉक के खत्म होने और विदेशी पाम ऑयल के आयात में कमी के कारण बाजार में तेजी बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि इस समय बाजार में सरसों की आवक सीमित है। मंडियों में नया माल आने में समय लगेगा, जबकि पुराने स्टॉक की मात्रा लगातार घट रही है। ऐसे में मांग के मुकाबले उपलब्धता कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में तेल के भाव और बढ़ सकते हैं।
दिवाली के नजदीक आते ही खाद्य तेलों की मांग बढ़ जाती है। मिठाइयों, नमकीन और घरेलू पकवानों में तेल की खपत बढ़ने से बाजार में मांग का दबाव और बढ़ने की संभावना है। व्यापारियों का अनुमान है कि यदि सरसों का स्टॉक तेजी से खत्म हुआ तो दिवाली तक तेल के भाव में और उछाल देखने को मिल सकता है।
किराना दुकानदार पुखराज गुप्ता ने बताया कि रसोई में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी वस्तुएं भी महंगी हुई हैं। गेहूं के दाम बढ़ने से आटे के भाव में 2 से 4 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। चीनी के भाव में भी करीब 5 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है। वर्तमान में चीनी करीब 52 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रही है।
लगातार बढ़ रहे खाद्य पदार्थों के दामों से आम परिवारों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही सब्जियों और अन्य घरेलू सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी का सामना कर रहे लोगों पर अब तेल, आटा और चीनी की महंगाई का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। त्योहारी सीजन में बढ़ती कीमतें घरों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकती हैं।