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अलवर मेयर चुनाव: BJP की सुमनलता और कांग्रेस की कमलेश शर्मा आमने-सामने, निर्दलीय ने पर्चा भर बढ़ाया सियासी पारा

अलवर नगर निगम मेयर चुनाव के लिए बुधवार को तीन नामांकन दाखिल हुए। बीजेपी से सुमनलता अग्रवाल, कांग्रेस से कमलेश शर्मा और निर्दलीय रिंकल गर्ग ने पर्चा भरा। बीजेपी को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बढ़त मिलने की चर्चा है।
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Updated: 16 Sep 2026, 4:54 PM IST
alwar mayor poll
कमलेश शर्मा, सुमन अग्रवाल और रिंकल गर्ग (पत्रिका फोटो)

Alwar Mayor Election 2026: अलवर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव के लिए बुधवार को तीन नामांकन दाखिल हुए। भाजपा ने वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा को मैदान में उतारा है। वहीं, वार्ड 36 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुकीं रिंकल गर्ग ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर मेयर पद के लिए दावेदारी पेश की है।

भाजपा से सुमनलता अग्रवाल उम्मीदवार

भाजपा प्रत्याशी सुमनलता अग्रवाल पूर्व नगर परिषद सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी हैं। मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने पार्षद पद की शपथ ली। नामांकन के दौरान वन राज्य मंत्री संजय शर्मा, जिला अध्यक्ष अशोक गुप्ता, चुनाव प्रभारी रामचरण बोहरा सहित पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सुमनलता अग्रवाल, बीजेपी प्रत्याशी

कांग्रेस ने कमलेश शर्मा को उतारा

कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शर्मा वार्ड 39 से निर्वाचित पार्षद हैं। वह पूर्व जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी हैं। नामांकन के दौरान कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद, कार्यकर्ता और जिला अध्यक्ष प्रकाश गंगावत उनके साथ मौजूद रहे।

कमलेश शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी

रिंकल गर्ग ने निर्दलीय भरा पर्चा

वार्ड 36 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर हार चुकीं रिंकल गर्ग ने मेयर पद के लिए निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। उन्होंने पर्चा जमा कर मेयर पद के चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की है।

रिंकल गर्ग, निर्दलीय प्रत्याशी

पिछली बार क्रॉस वोटिंग से हारी थी भाजपा

साल 2019 में भाजपा प्रत्याशी अलवर नगर परिषद का सभापति बनने से रह गए थे। उस समय भाजपा के पास 27 सीटें थीं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 19 सीटें थीं। इसके बावजूद कांग्रेस सभापति का चुनाव जीतने में सफल रही थी। इस बार भी दोनों प्रमुख दलों के बीच सीटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। भाजपा की एक सीट बढ़ी है, जबकि कांग्रेस 19 से बढ़कर 23 सीटों पर पहुंची है।

वहीं, निर्दलीय पार्षदों के भाजपा के समर्थन में होने की बात कही जा रही है। ऐसे में भाजपा के बोर्ड बनने की संभावना को लेकर पार्टी नेताओं में रणनीति बनाई जा रही है। पिछली बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, सत्ता में रहने वाली पार्टी का प्रभाव निर्दलीय पार्षदों पर भी देखने को मिल सकता है।

दो मंत्री और नेता प्रतिपक्ष बना रहे रणनीति

अलवर में एक ही नगर निगम है और यह प्रदेश के प्रमुख निकाय चुनावों में शामिल है। भाजपा की ओर से शहर विधायक एवं वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की रणनीति पर नजर है। वहीं, कांग्रेस की ओर से राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह चुनावी रणनीति में जुटे हैं।

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16 Sep 2026, 4:54 PM IST
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