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अलवर न्यूज़: सरिस्का की जमीन पर बने तालाब से पानी की चोरी

सिंचाई विभाग के अधीन जिले के छोटे बांध भी रिचार्ज होंगे। इसके लिए राज्य स्तर पर पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
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Jan 06, 2026
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तालाब में की गई बोरिंग (फोटो - पत्रिका)

अलवर के ढहलावास के पास गरवाजी मार्ग पर अरावली की पहाड़ियां हैं। इसी के आसपास सरिस्का की जमीन है। यहां 200 साल पुराना तालाब है। बारिश में यह लबालब होता है, जिससे आसपास का वाटर रिचार्ज होता है और इसका लाभ ग्रामीणों को मिलता है।

भूमाफिया ने इस तालाब में बोरिंग कर दी और अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाल पानी बाहर ले जा रहे हैं। आरोप है कि माफिया इस पानी की बिक्री शहरी एरिया में आकर कर रहे हैं। साथ ही मंदिरमाफी की करीब 30 बीघा जमीन पर भी कब्जा किया हुआ है। इस जमीन की सिंचाई भी इसी पानी से की जा रही है। यह मामला प्रशासन के पास पहुंचा, लेकिन अलवर उपखंड कार्यालय के अफसरों का संरक्षण मिलता रहा और धरती की कोख खाली होती रही। इसी कारण आज यह तालाब सूखने के कगार पर है।

प्रशासन को मिला है 25 लाख का अवार्ड

जिले में तालाब बनाने से लेकर अन्य जल संरक्षण की करीब 10 हजार संरचनाएं बनाने के मामले में प्रशासन को अवार्ड मिला है। 25 लाख रुपए पुरस्कार के रूप में मिले हैं, पर भूमाफिया तालाबों को सुखाने का कार्य कर रहे हैं। उन पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है।

भूमाफिया से मुक्त नहीं करा सके सरिस्का की जमीन

प्रशासन ने 6 माह पहले ढहलावास, सीरावास, रोगड़ा में सरिस्का की करीब 25 बीघा जमीन कागजों में भूमाफिया से अलग करवाई थी, लेकिन इस जमीन पर कब्जा उन्हीं का है। एक दर्जन लोग इस जमीन पर कब्जा किए हुए हैं।

Updated on:
06 Jan 2026 12:05 pm
Published on:
06 Jan 2026 12:05 pm