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अलवर: मजदूरों के हक के 35 लाख रुपए से खरीद डालीं दरियां, जांच के आदेश

राजस्थान के अलवर और बानसूर में महात्मा गांधी नरेगा योजना में मजदूरों के कल्याण के लिए आए 35 लाख रुपए से नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से दरियां खरीद ली गईं। दो साल तक इस मामले को दबाए रखने के बाद अब प्रशासन जांच की बात कह रहा है।

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Jun 04, 2026
alwar nrega scam
representative picture (AI)

नरेगा (अब वीबी-जी रामजी) मजदूरों के लिए आए 35 लाख रुपए से अलवर जिले की रामगढ़ और कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बानसूर पंचायत समिति ने दरियां खरीद डाली। इतना पैसा दरियों पर क्यों खर्च किया गया? इसका हिसाब आज तक न तो जिला परिषद ने मांगा और न ऑडिट के दौरान यह पकड़ में आया। इसका खुलासा अब सरकार को भेजे गए दस्तावेजों में हुआ है। यह मामला दो साल पहले जिला परिषद के अधिकारियों के संज्ञान में आया था, लेकिन इसे दबा दिया गया। जिला परिषद के सीईओ सालुखे गौरव रविंद्र अब यह तर्क दे रहे हैं कि मामला उनके संज्ञान में है। जांच कराएंगे।

मजदूरों के हक के लिए आई रकम को ठिकाने लगाया

इस योजना के तहत प्रशासनिक मद से पंचायत समितियों को राशि मुहैया कराई जाती है, जिससे कार्यालय सामग्री ही खरीदी जा सकती है, वह भी कुछ ही राशि से। लाखों रुपए के सामान की खरीद करने की अनुमति नहीं होती। अधिकतर पैसा मजदूरों की पगार के लिए आता है, जो कहीं पर समय पर मिलता है, तो कहीं पर मजदूरों को पसीना बहाना पड़ता है। मजदूरों के हक के लिए वर्ष 2022-23 में आई इस रकम को ठिकाने लगाने के लिए पंचायत समितियां दरियां खरीदने में जुट गई।

एक ही संस्था से दरियां खरीदने का ऑर्डर

रामगढ़ में जयपुर की एक संस्था से 21 लाख की दरियां खरीदने का ऑर्डर दिया गया। दरियां आई या नहीं, यह अब तक किसी को पता नहीं लग पाया, लेकिन सवाल खड़ा हो गया कि इतनी ज्यादा रकम से ये दरियां क्यों खरीदी गई? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। वहीं, दूसरी तरफ बानसूर में भी करीब 12 से 14 लाख रुपये से दरियां खरीदी गई हैं। दोनों ही पंचायत समितियों ने जयपुर की एक ही संस्था से दरियां खरीदने का ऑर्डर दिया है। यहां भी पता नहीं लग पा रहा है कि दरियां पंचायत समिति में आ गई या नहीं।


नहीं खरीद सकते दरियां

रिटायर्ड बीडीओ रोशन लाल का कहना है कि नरेगा के प्रशासनिक मद में मिली रकम से दरियों की खरीद नहीं की जा सकती। यह रकम मजदूरों की सुविधा पर खर्च होती या फिर कार्यालय में कुछ सामग्री खरीदी जा सकती है।

नरेगा बजट से दरियां खरीदने का ऑर्डर सहायक लेखाधिकारी की ओर से दिया गया था, लेकिन वह दरियां अब लौटा दी गई हैं। इस मामले में जिम्मेदारों पर एक्शन लेंगे - राम दयाल, बीडीओ, पंचायत समिति रामगढ़

मेरे कार्यकाल से पहले का मामला है। दस्तावेज देखने के बाद ही िस्थति स्पष्ट कर पाऊंगा - प्रदीप विरमानी, बीडीओ पंचायत समिति, बानसूर

Published on:
04 Jun 2026 11:31 am