अलवर

Alwar: सरिस्का किसान महापंचायत; 186 गांवों के किसानों ने भरी हुंकार, आंदोलन की रणनीति तय

Alwar Sariska Farmer Mahapanchayat: अलवर के भर्तृहरि तिराहा स्थित प्रेमनाथ आश्रम में गुरुवार को सरिस्का क्षेत्र के 186 गांवों के किसानों की महापंचायत हुई। महापंचायत में किसानों ने वन विभाग की कार्रवाई, दर्ज मुकदमों और सड़क निर्माण समेत कई मुद्दों पर चर्चा की और आगे के आंदोलन की रणनीति तय की।
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Jul 30, 2026
alwar sariska farmer mahapanchayat
किसानों की महापंचायत (फोटो - पत्रिका)

Alwar Sariska Farmer Mahapanchayat: अलवर जिले के भर्तृहरि तिराहा स्थित प्रेमनाथ आश्रम में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) अराजनैतिक के बैनर तले सरिस्का क्षेत्र और आसपास के 186 गांवों के किसानों की महापंचायत आयोजित हुई। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण पहुंचे। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आने वाले समय में आंदोलन को लेकर रणनीति भी तैयार की गई।

तुरंत वापस हों दर्ज मुकदमे

किसान नेता राकेश दायमा ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे सरिस्का क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और विकास से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

महापंचायत में किसानों ने सबसे प्रमुख मांग निर्दोष किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की उठाई। किसानों का कहना है कि आंदोलन के दौरान करीब 150 किसानों पर राजकार्य में बाधा जैसे मामले दर्ज किए गए, जिन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इन मुकदमों से किसानों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है।

निर्माण कराने की मांग दोहराई

बैठक में तालवृक्ष रेंज के रेंजर को हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों का कहना है कि वन विभाग के साथ लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि विभागीय हस्तक्षेप को कम किया जाए और सरिस्का क्षेत्र के आसपास कई पीढ़ियों से रह रहे ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।

महापंचायत में क्षेत्र की सड़क सुविधाओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। किसानों ने नारायणपुर-तालवृक्ष-कुशलगढ़ सड़क मार्ग का निर्माण कराने की मांग दोहराई। इसके साथ ही कुशालगढ़ तिराहे से बाबा भर्तृहरि धाम होते हुए थानागाजी तक सड़क बनाने की मांग भी रखी गई। किसानों का कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा

महापंचायत में मौजूद किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित किया जाएगा और आगे की रणनीति के तहत चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) अराजनैतिक का कहना है कि किसानों का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान कराना है। संगठन ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि क्षेत्र में अनावश्यक विवाद की स्थिति पैदा न हो।

Updated on:
30 Jul 2026 03:33 pm
Published on:
30 Jul 2026 03:33 pm